बिहार के नवादा जेल में हत्या के आरोप में सजा कट रहे एक कैदी ने शिक्षा जगत को हैरान कर दिया। क्योंकि उसने जेल में रहकर आईआईटी जेएएम की परीक्षा पास करते हुए ऑल इंडिया में 54वीं रैंक हासिल की है। 

नवादा (बिहार). अक्सर कहते हैं कि किसी में कुछ कर गुजरने की तमन्ना और हौंसले बुलंद हो तो वह हर मुश्किल घड़ी में भी कामयाबी के झंडे गाड़ देता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है बिहार के नवादा जेल में बंद एक कैदी ने, जिसने एक ऐसा कीर्तिमान रचा है जो शायद कभी किसी ने ना तो देखा होगा और ना ही सुना होगा। कैदी ने कारागार में रहते हुए आईआईटी (IIT) की ज्वाइंट एडमिशन टेस्ट फॉर मास्टर्स (JAM-जैम) की परीक्षा पास की है। जिसे पास करने के लिए देशभर के स्टूडेंट तरसते हैं।

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ऑल इंडिया में मिली 54वीं रैंक
दरअसल, जेल से पढ़ाई करते हुए इतिहास रचने वाले इस कैदी का नाम सूरज कुमार उर्फ कौशलेंद्र है। जो कि इन दिनों नवादा की जेल में एक हत्या के केस में सजा काट रहा है। सूरज कुमार ने जेएएम 2022 में सफलता हासिल करते हुए इस परीक्षा में 54वीं आल इंडिया रैंक मिली है। बता दें कि आईआईटी रुड़की की तरफ यह परीक्षा आयोजित कराई गई थी।

कैदी की सफलता में जेल प्रशासन का बड़ा योगदान
कैदी ने जिस तरह से कामयाबी हासिल की है उससे अब जेल प्रशासन भी गर्व महसूस कर रहा है। बताया जाता है कि सूरज की इस सफलता में जेल प्रशासन का भी बड़ा योगदान है। क्योंकि जब उसने पढ़ने की इच्छा जाहिर की तो पुलिस जवान से लेकर अधिकारियों ने उसकी सहायता की। बात चाहे फिर किताबें उपलब्ध कराने की हो या फिर फैसे की। हर तरफ से उसकी मदद की गई। 

ऐसे मर्डर केस में जेल पहुंच गया सूरज
बता दें कि सूरज मूल रूप से वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के मोसमा गांव का रहने वाला है। वह करीब एक साल से हत्या के मामले में सजा काट रहा है। अप्रैल 2021 में गांव में दो गुटों में रास्ते को लेकर मामूली विवाद हुआ था। जिसके बाद दोनों गुटों में जमकर मारपीट हुई। इस घटना में संजय यादव बुरी तरह जख्मी हो गए थे। जिनकी इलाक के दौरान मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने सूरज समेत चार लोगों को 19 अप्रैल 2021 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।