दूल्हा कहता है कि मेरी मांग अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए शादी नहीं कर रहा हूं। मेरी मांग पूरी होगी तभी शादी होगी, नहीं तो हमलोग बारात लेकर वापस घर चले जाएंगे। 

पटना। आज महिला दिवस (International Women's Day) है। इस मौके पर महिलाओं के उत्थान की खूब बातें हो रही हैं, लेकिन जमीन पर महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए बहुत कुछ किया जाना अभी बाकी है। महिलाओं की प्रताड़ना के लिए जिम्मेदार बहुत की कुप्रथाओं में से एक प्रमुख कुप्रथा दहेज है। 

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महिला दिवस के अवसर पर बिहार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह दहेज की मांग को लेकर लड़की पक्ष को परेशान किया जाता है। मनमाफिक दहेज नहीं मिलने पर शादी नहीं करने और बारात लौटाने की धमकी दी जाती है। ऐसे ही दहेज लोभी विवाह के बाद विवाहिता को प्रताड़ित करते हैं। कई मामलों में बात घर से निकालने और हत्या तक पहुंच जाती है।

पैसे नहीं मिले तो लौट जाएगी बारात
वीडियो में दिख रहा है कि विवाह करने आया दूल्हा मांग के अनुसार दहेज नहीं मिलने से नाराज है। वह स्टेज पर दुल्हन के साथ बैठा है। सिर पर मौड़ी (दूल्हे की खास टोपी)और गले में माला है। दुल्हन के गले में भी माला है। इसका मतलब है कि वरमाला का रश्म पूरा हो गया है। अब वह बचे हुए पैसे लिए बिना विवाह के अगले रस्म निभाने को तैयार नहीं। दूल्हा का यह कुरूप देख दुल्हन सदमे में है। वह उदास है, लेकिन लोकलाज के चलते स्टेज से उठकर नहीं जा रही है। 

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घटना चप्पलपुर गांव की बताई जा रही है। दूल्हा कहता है कि मेरी मांग अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए शादी नहीं कर रहा हूं। अभी तक हमें कैश नहीं मिला है। इसके अलावा और जो सामान देने का वादा किया गया था वह भी नहीं मिला है। एक चेन देने का वादा किया गया था। वह भी नहीं मिला है। ऐसे में किस आधार पर मैं शादी करूं? वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने पूछा कि आप क्या करते हैं तो दूल्हे ने जवाब दिया मेरे पास सरकारी नौकरी है। पिता शिक्षक हैं।

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कहां गलत है दहेज लेना 
दूल्हा ने कहा कि दहेज लेना गलत कहां है? कौन कहता है कि दहेज नहीं चलता है? हर जगह दहेज चलता है। कोई जानता है। कोई नहीं जानता है। हमको नहीं मिला तो आपलोग जान गए। अगर मिल जाता तो नहीं जानते। बस यही बात है। दहेज के बाकी पैसे बाद में मिल जाएंगे। यह सुनकर दूल्हा कहता है नहीं, बाद वाला काम नहीं होगा। जो होगा आज होगा और अभी होगा। मेरी मांग पूरी होगी तभी शादी होगी, नहीं तो हमलोग बारात लेकर वापस घर चले जाएंगे। 

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दूल्हा इतने पर ही नहीं रूका। उसने दुल्हन के घरवालों के बारे में अपशब्द कहे। दूल्हा ने कहा कि अगर इनलोगों के पास पैसे नहीं थे तो हमारे पास शादी के लिए क्यों आए? सरकारी नौकरी वाले लड़के से शादी करनी क्यों चाही? दूल्हे की बात सुनकर गुस्से से भरी दुल्हन से रहा नहीं गया। उसने कहा कि मेरे माता-पिता ने जितना वादा किया था उतना तो दिया ही है। सिर्फ एक लाख ही तो बाकी है। पैसे तो मिल ही जाएंगे। यह सुन दूल्हा कहता है सोना का चेन और अंगूठी भी तो बाकि है। इस पर लड़की कहती है कि वह मरबा (विवाह मंडप) में रश्म के समय मिल जाएगा। दूल्हा कहता है नहीं, मुझे तो अभी चाहिए।