पटना के एक मैनेजमेंट कॉलेज के फाइनल ईयर के छात्र का जीविका में अच्छी सैलरी पर चयन हो चुका था। लेकिन क्लास टेस्ट में चोरी करते पकड़े जाने पर उसे टर्मिनेट कर दिया गया। जिसके बाद उसने सुसाइड करने की कोशिश की। 

पटना। चंद्रगुप्त प्रबंध संस्थान पटना में बीते तीनों से छात्र-छात्राओं और संस्थान प्रबंधन के बीच खींचतान मची है। मामला 2018-2020 सत्र के एक स्टूडेंट के सुसाइट से जुड़ा है। बताया जाता है कि 14 दिसंबर को हुई बिजनेस एनालिटिक्स की परीक्षा में छात्र को नकल करते हुए पकड़े जाने पर टर्मिनेट कर दिया गया था। जिसके बाद छात्र डिप्रेशन में चला गया था। डिप्रेशन की हालत में ही उसने बुधवार की रात आत्महत्या की कोशिश की। आत्महत्या से पहले छात्र ने अपने कुछ साथियों और कॉलेज के निदेशक सहित अन्य फैकल्टी को सुसाइड मेल लिखा जिसमें उसने लिखा की कैरियर को नरक बनाने के लिए आप सभी का धन्यवाद। आपको उदाहरण सेट करना है। गो अडेट, गुड बाय। हालांकि मेल मिलते ही छात्र के दोस्त कॉलेज हॉस्टल के उसके रूम में पहुंचे। जहां वह गिरा पड़ा था। दोस्तों ने छात्र को हॉस्पिटल पहुंचाया। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। इस पूरे घटनाक्रम पर कॉलेज प्रबंधन की ओर की ओर कोई आश्वासन नहीं मिलता देख गुरुवार को छात्र-छात्राओं के बड़े ग्रुप ने हंगामा किया। 

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छात्रों से हंगामा से वापस लिया गया टर्मिनेशन
कॉलेज के गेट पर छात्र-छात्राएं विरोध में बैठ गई। करीब तीन घंटे तक यह हंगामा चलता रहा। लेकिन कॉलेज के निदेशक डॉ. वी मुकुंद छात्रों से मिलने नहीं पहुंचे। इससे प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आक्रोश भड़क उठा। छात्रों का प्रदर्शन तेज होने पर कॉलेज के फैकल्टी ने उनसे बात की। सीनियर लाइजेन कंसल्टेंट सीआईएमपी कुमोद कुमार ने मानवीय आधार पर छात्र का टर्मिनेशन वापस लेने की घोषणा की, तब जाकर छात्र-छात्राओं का विरोध शांत हुआ। विरोध कर छात्रों ने बताया कि उस लड़के का चयन जीविका में हो चुका था। लेकिन परीक्षा में निलंबित किए जाने वाले और कॉलेज से टर्मिनेट किए जाने के बाद से वह डिप्रेशन में चला गया था।

क्लास टेस्ट था कोई फाइनल परीक्षा नहीं
सुसाइड अटेम्प करने वाले छात्र की पहचान 2018-20 सत्र के अभिषेक भारती के रूप में हुई है। अभिषेक के माता-पिता ने बताया कि उन्हें कॉलेज प्रबंधन की ओर से इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। अभिषेक के दोस्तों ने बताया कि उसका चयन 6 लाख के पैकेज पर जीविका में हो चुका था। सत्र पूरा कर वो जीविका ज्वाईन करता लेकिन सेशन पूरा होने से पहले क्लास टेस्ट में नकल किए जाने से उसे निलंबित किया गया। अपने सुसाइड मेल में अभिषेक ने लिखा कि यह क्लास टेस्ट था कोई फाइनल परीक्षा नहीं, एक गलती की इतनी बड़ी सजा नहीं होती।