बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिर से साफ किया कि बिहार में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) लागू नहीं होगा। नेता प्रपिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए नीतीश ने ये बात कही। 

पटना। इस समय बिहार विधानसभा का विशेष सत्र चल रहा है। सोमवार को इस सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर करारा हमला करते हुए बोला कि वो एनआरसी और सीएए के मुद्दे पर स्पष्ट बयान क्यों नहीं देते। तेजस्वी के इस सवाल के जवाब में सीएम नीतीश कुमार ने फिर से साफ किया कि बिहार में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) लागू नहीं होगा। बता दें कि नीतीश पहले भी एनआरसी के मुद्दे पर बोल चुके हैं काहे का एनआरसी, बिहार में लागू नहीं होगा। इसके साथ-साथ नीतीश ने विधानसभा के विशेष सत्र में दिए अपने संबोधन में लालू प्रसाद यादव के वर्षों पुरानी मांग का भी समर्थन किया। 

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जातिगत जनगणना पर नीतीश ने दिया लालू का साथ
उल्लेखनीय है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव कई बार जातिगत जनगणना की मांग कर चुके हैं। अभी कुछ दिनों पहले ही उन्होंने अपने फेसबुक और ट्विटर के जरिए इस मांग को उठाया था। सोमवार को नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद यादव की इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि हम भी चाहेंगे कि जातिगत जनगणना हो। उन्होंने दोहराते हुए कहा कि जनगणना कास्ट बेस्ड होनी ही चाहिए। सीएए (नए नागरिकता कानून) पर नीतीश कुमार ने विशेष चर्चा की बात कही। सीएम ने कहा कि हर उस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए जिसकी जरूरत हो और जिसको लेकर किसी के मन में कोई भ्रम हो।

पोखरों से हटाए जा रहे गरीबों को बसाया जाएगाः नीतीश
जातिगत जनगणना के बारे में नीतीश कुमार ने कहा कि 1930 के बाद फिर से जातिगत जनगणना होनी चाहिए। बिहार सरकार की महत्वकांक्षी योजना जल-जीवन-हरियाली के बारे में नीतीश कुमार ने कहा कि जिन लोगों को तालाबों पर से हटाया जा रहा है और जो गरीब तबके के लोग हैं वैसे लोगों को अन्य जगहों पर बसाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत पूरे राज्य के पोखरों को अतिक्रमण मुक्त कर जीर्णोद्धार किया जा रहा है।