उत्तर भारत समेत पूरा बिहार इन दिनों की कड़ाके की ठंड के चपेट में है। सामान्य से 8-10 डिग्री तापमान कर है। कोहरा और कनकनी लोगों की कड़ी परीक्षा ले रहा है। इस ठंड के कारण लगभग सभी जिलों की स्कूलें बंद है। 

गोपालगंज। सर्दी का सितम उत्तर भारत समेत पूरे बिहार में कहर बरपा रहा है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 तक का आंकड़ा इस मौसम में छू चुका है। कोहरा और कनकनी के कारण ठंड और विकराल दिख रहा है। ऐसे में बिहार के सभी जिलों में आठवीं तक की पढ़ाई निजी और सरकारी स्कूलों में बंद है। जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी आदेश के बाद स्कूलों की छुट्टियां आगे बढाई जा रही है। इसी बीच गोपालगंज डीएम ने एक ऐसा फरमान दे दिया तो जमकर वायरल हो रहा है। डीएम के इस आदेश पर जमकर लोग मजे ले रहे हैं। कई तो इस आदेश को जारी करने की जांच की मांग कर रहे हैं। 

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हीट वेब को कारण बता दी स्कूलों की छुट्टी
दरअसल डीएम स्कूलों की छुट्टी बढ़ाने का एक पत्र जारी किया गया। इस पत्र में कड़ाके की ठंड के बदले में हीट वेब (लू वाली हवा) को कारण बताया गया है। पत्र पर डीएम का हस्ताक्षर भी है। अब सवाल उठता है कि क्या डीएम साहब ने इस पत्र को पढ़ने के बाद अपना सिग्नेचर किया अथवा बिना देखे ही। क्योंकि यदि डीएम साहब इस पत्र को पढ़ते तो वे इसपर सिग्नेचर नहीं करते। इस पत्र में सुधार कराने की बात कहते लेकिन अब तो पत्र जारी हो चुका है। कई लोगों ने बताया कि संभव हो कि डीएम ने इसपर बिना पढ़े ही दस्तखत कर दिया हो। यदि ऐसा है तब तो ये और बड़ी गलती है। ऐसे में डीएम ऑफिस का कोई भी मुलाजिम उनसे गद्दारी करते हुए कुछ भी पत्र इश्यू करा सकता है। 

एसपी ने जानकारी देकर कराया सुधार 
हालांकि कई लोग गोपालगंज डीएम अरशद अजीज की इस गलती को मानवीय चूक बता रहे हैं। लेकिन एक डीएम के लेवल से ऐसी गलती होना गलत है। डीएम के यहां से जारी किए गए पत्र पांच घंटे तक कार्यालयों में सर्कुलेट होता रहा। उनके अधिकारियों ने भी इस पत्र की गलती के बारे में उन्हें नहीं बताया। जब ये पत्र एसपी मनोज तिवारी के हाथ में गया तो उन्होंने इसकी गलती की जानकारी डीएम को दी। जिसके बाद इसमें सुधार किया गया।