पटना हॉस्टल में NEET छात्रा श्रुति कुमारी मृत मिली-क्या परीक्षा दबाव और अकेलापन वजह बना? सोमवार रात सामान्य थी, सुबह अचानक मौत-क्या किसी मानसिक तनाव की अनदेखी हुई? साथी छात्रों ने बताया वह अनिश्चितता व परिवार से दूरी से परेशान थी-क्या सिस्टम फेल हुआ? मऊगंज की दूसरी छात्रा घटना से जुड़कर सवाल-क्या NEET का दबाव जानलेवा बनता जा रहा है?
NEET Student Death Patna Hostel: बिहार की राजधानी पटना से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) के पीछे छिपे भयानक सच और तनाव को एक बार फिर उजागर कर दिया है। समस्तीपुर की रहने वाली 19 वर्षीय छात्रा श्रुति कुमारी मंगलवार को पटना के सेक्रेटेरिएट कॉलोनी (पत्रकार नगर थाना क्षेत्र) स्थित 'राधे कृष्ण हॉस्टल' के अपने कमरे में मृत पाई गई। जिस कमरे में बैठकर वह दिन-रात डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी, वही कमरा उसकी मौत का गवाह बन गया।

सोमवार रात का आखिरी खाना…और सुबह कमरे में खौफनाक मंजर
हॉस्टल के अधिकारियों और साथ रहने वाली सहेलियों के मुताबिक, सोमवार की रात श्रुति ने सबके साथ सामान्य रूप से खाना खाया था और फिर अपने कमरे में सोने चली गई। किसी को कानों-कान भनक नहीं थी कि यह उसका आखिरी भोजन होगा। अगली सुबह जब काफी देर तक श्रुति ने अपना दरवाजा नहीं खोला, तो हॉस्टल में हड़कंप मच गया। जब खिड़की से झांककर देखा गया, तो अंदर का मंजर देखकर सबकी रूह कांप गई—श्रुति का शव फंदे से लटका हुआ था। वह करीब 10 दिन पहले ही अपने गांव से पटना लौटी थी।

"पापा-मम्मी बात नहीं करते..."अकेलापन या NEET का गहराता सस्पेंस?
हॉस्टल की अन्य छात्राओं ने पुलिस को दिए बयान में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि श्रुति पिछले कुछ समय से गंभीर मानसिक तनाव और अकेलेपन से जूझ रही थी। वह अक्सर कहती थी कि उसके माता-पिता अब उससे नियमित रूप से बात नहीं करते। लेकिन, सस्पेंस सिर्फ यहीं खत्म नहीं होता। उसके दोस्तों और करीबियों ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों से चल रहे NEET परीक्षा विवाद, पेपर लीक की खबरों और परीक्षा के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण श्रुति अंदर ही अंदर पूरी तरह टूट चुकी थी।

आकांक्षा चतुर्वेदी का वो आखिरी खत: 15 लाख का कर्ज और "मैंने सब बर्बाद कर दिया"
श्रुति की यह संदिग्ध मौत कोई इकलौती घटना नहीं है। इस परीक्षा के तनाव ने कुछ ही दिनों के भीतर मध्य प्रदेश के मऊगंज की एक और होनहार छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी की भी जान ले ली। आकांक्षा के किसान पिता ने अपनी बेटी को डॉक्टर बनाने के लिए 'किसान क्रेडिट कार्ड' से 15 लाख रुपये का भारी-भरकम कर्ज लिया था। परीक्षा अच्छी जाने के बाद भी जब देश में पेपर लीक और अनियमितताओं का विवाद गरमाया, तो दोबारा परीक्षा होने के डर से आकांक्षा ने खाना-पीना छोड़ दिया। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा: "मैं अपने माता-पिता पर बोझ बन गई हूँ, मैंने उनके लिए सब कुछ बर्बाद कर दिया।"

फोरेंसिक टीम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, कब थमेगा मौतों का यह सिलसिला?
घटना की जानकारी मिलते ही पटना पुलिस और एक विशेष फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों को सूचित कर दिया गया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस मौत के असली कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन नीट परीक्षा को लेकर उपजा यह विवाद अब देश के मासूम छात्रों के लिए एक जानलेवा जाल बनता जा रहा है। अब देखना यह है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिसिया तफ्तीश से इस रहस्यमयी मौत का क्या सच बाहर आता है।


