पेपर लीक के बाद, केंद्र सरकार इंजीनियरिंग और मेडिकल के लिए एक ही कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) लाने पर विचार कर रही है। यह JEE और NEET की जगह लेगा। इसमें उम्र और प्रयासों की संख्या भी सीमित की जा सकती है।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार एक बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। देश भर में इंजीनियरिंग और मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए अब एक ही कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) कराने का प्रस्ताव है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

अधिकारियों का कहना है कि ये प्रस्ताव अभी चर्चा के दौर में है। अगर इसे लागू किया गया तो भविष्य में यह JEE और NEET की जगह ले सकता है।

पेपर लीक के बाद जागा सिस्टम

NEET परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद पूरे देश में परीक्षा सिस्टम में सुधार की मांग उठ रही है। इसी के चलते केंद्र सरकार इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं में बड़े बदलाव की सोच रही है।

सरकार के सामने जो प्रस्ताव है, उसके मुताबिक इंजीनियरिंग और मेडिकल में एडमिशन चाहने वाले छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर सिर्फ एक परीक्षा देनी होगी। इस एंट्रेंस टेस्ट में इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए गणित (Maths) और मेडिकल के छात्रों के लिए जीव विज्ञान (Biology) का सेक्शन अलग-अलग होगा।

उम्र और अटेंप्ट की सीमा भी होगी तय

सरकार परीक्षा देने के लिए उम्र की सीमा और प्रयासों की संख्या (number of attempts) तय करने पर भी विचार कर रही है। इसके अलावा, छात्रों पर दबाव कम करने के लिए परीक्षा को कई फेज और सेशन में कराने पर भी चर्चा चल रही है।

यह जानकारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह और उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने एक संसदीय समिति को दी। यह समिति कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता में बनी है। अधिकारी डॉ. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों और परीक्षा सुधारों पर प्रेजेंटेशन दे रहे थे।

खबर है कि संसदीय समिति के सदस्यों ने इस नए सिस्टम को मौजूदा व्यवस्था से बेहतर और प्रशासनिक रूप से ज्यादा कारगर माना है। इसके साथ ही, NTA धांधली रोकने के लिए भी तैयारी कर रहा है। एजेंसी प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर अपना कंट्रोल बढ़ाएगी और बाहरी लोगों पर निर्भरता कम करने के लिए खुद का टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करेगी।