गया के एसएसपी के मुताबिक नक्सलीय कमांडर आलोक की गतिविधियां ज्‍यादातर झारखंड के इलाके में थीं। झारखंड की सरकार ने ही उसपर इनाम रखा था। मारे गए ग्रामीणों में एक की पहचान नदरपुर पंचायत के मुखिया के देवर वीरेंद्र यादव के रूप में की गई है, जबकि एक ग्रामीण की अभी पहचान नहीं हुई है। 

गया (Bihar) । पुलिस ने एनकाउंटर (Police Encounter) में 10 लाख के इनामी एक कुख्यात नक्सली आलोक को मार गिराया है। बता दें कि इस एनकाउंटर के पहले नक्सलियों ने बीती रात बाराचट्टीथाना अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो के किनारे महुअरी में चल रहे नाच प्रोग्राम के दौरान हमला कर दिया। नक्सलियों ने हमले में दो ग्रामीणों की हत्या कर दी थी। खबर है कि पुलिस कार्रवाई में नक्सलियों के पास रहे दो आधुनिक हथियार भी बरामद किया गया है। इस घटना में कोबरा के चार जवान भी घायल हुए है। सभी को गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

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झारंखड में आलोक था आतंक
गया के एसएसपी के मुताबिक नक्सलीय कमांडर आलोक की गतिविधियां ज्‍यादातर झारखंड के इलाके में थीं। झारखंड की सरकार ने ही उसपर इनाम रखा था। मारे गए ग्रामीणों में एक की पहचान नदरपुर पंचायत के मुखिया के देवर वीरेंद्र यादव के रूप में की गई है, जबकि एक ग्रामीण की अभी पहचान नहीं हुई है।

पहले से नक्सलियों के निशाने पर रहा है मृतक का परिवार
नक्सलियों की टीम ने जिस वीरेंन्द्र यादव की हत्या की है वह और उसका परिवार नक्सलियों के निशाने पर शुरू से ही रहा है। साल 2005 में नदरपुर स्थित वीरेंद्र यादव के घर को नक्सली संगठनों ने आग के हवाले किया था। तब से ये लोग घर छोड़कर बाराचट्टी में रह रहे थे। 2009 में वीरेंद्र यादव के बड़े भाई शंभू यादव की हत्या सासाराम में कर दी थी। वीरेंद्र भी नक्सलियों के निशाने पर काफी दिनों से चल रहा था। इसे कई बार नक्सली संगठन के द्वारा धमकी भी मिली थी।