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चीन के बहकावे में आया नेपाल, भारत को दी है ये धमकी, बिहार की बढ़ी चिंता

पूर्वी चंपारण के डीएम कपिल अशोक ने कहा कि इस मसले पर हमारे पास आधिकारिक सूचना नहीं है और न ही कोई डायरेक्शन आया है. जो नापी की रिपोर्ट आई है वह सीधे केंद्र सरकार को भेजी गई है। इस पर सात-आठ दिनों में कोई दिशा निर्देश आ सकता है, तब हम कोई कदम उठाएंगे।
 

Nepal has come under the influence of China, has threatened India, increased concern of Bihar asa
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Bihar, First Published Jul 7, 2020, 11:52 AM IST
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पटना (Bihar) ।  चीन के बहकावे में आकर नेपाल भारत से अपने रिश्ते खराब कर रहा है। भारत और चीन में सीमा पर तनाव के बीच नेपाल भी अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एक तरफ नेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, नेपाल बिहार को डुबोने की चेतावनी देने पर उतर आया है। खबर है कि नेपाल ने कहा है कि पूर्वी चंपारण जिले के पास भारतीय सीमा में नो मेंस लैंड से सटे हुए लालबकेया नदी के तटबंध के एक हिस्से को हटा ले नहीं तो इसे तोड़ देंगे। बता दें कि अगर ऐसा होता है तो बिहार में बाढ़ से नुकसान होगा, जिसे लेकर बिहार की चिंता बढ़ गई है।

नेपाल ने अतिक्रमण करने का लगाया आरोप
नेपाल ने भारत पर आरोप लगाया है कि बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग ने 200 मीटर लंबा तटबंध नो-मेंस लैंड को पर अतिक्रमण कर बनाया है। इसके बारे में रौतहट के डीएम वासुदेव घिमिरे ने बकायदा पीसी कर नेपाली मीडिया से कहा कि भारत ने अतिक्रमण कर बांध बनाया है। नापी के दौरान यह पता चला है। दोनों देशों के सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों के बीच अतिक्रमण हटाने को लेकर सहमति भी बनी। लेकिन, भारत ने अभी तक नहीं हटाया है। जिसके बाद नेपाल इस बांध तो तोड़ देगा।

Nepal has come under the influence of China, has threatened India, increased concern of Bihar asa

पूर्वी चंपारण के डीएम ने कही ये बात
पूर्वी चंपारण के डीएम कपिल अशोक ने  कहा कि इस मसले पर हमारे पास आधिकारिक सूचना नहीं है और न ही कोई डायरेक्शन आया है. जो नापी की रिपोर्ट आई है वह सीधे केंद्र सरकार को भेजी गई है। इस पर सात-आठ दिनों में कोई दिशा निर्देश आ सकता है, तब हम कोई कदम उठाएंगे।

नेपाल ने रोक दिया था तटबंधन मरम्मत का कार्य 
अधवारा समूह की लालबकेया नदी पर बना यह वही तटबंध है, जिसका कुछ दिन पहले नेपाल ने मरम्मत काम को रोक दिया था। वहीं, बीच बागमती प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता जमील अनवर ने बताया कि तटबंध हटाने का ऐसा कोई निर्देश उन्हें नहीं मिला है। अभी वह बाढ़ व कटाव निरोधक कार्य में लगे हैं। किसी तरह की मापी किए जाने की जानकारी नहीं है।

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