छठ पूजा के लिए घाटों का निरीक्षण करने के दौरान जेपी सेतु के पिलर से सीएम नीतीश की नाव टकराई थी। हादसे में मुख्‍यमंत्री को काफी चोट लगी थी। हालांकि तब अफसरों ने सीएम को कोई चोट लगने की बात से पूरी तरह इंकार कर दिया था।

पटना(Bihar). बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा में चूक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। जबकि जिम्मेदार अफसर लगातार इस बात को नकारते रहते हैं। बीते सप्ताह गंगा में जेपी सेतु के पिलर से सीएम नीतीश की नाव उस समय टकराई थी जब वह छठ पूजा के लिए घाटों का निरीक्षण करने निकले थे। हांलाकि सीएम को सुरक्षित बचाकर दूसरी नाव से वापस भेज दिया गया था। इस मामले में सीएम चोटिल हुए हैं इस बात को लगातार अफसर छिपाने में लगे हुए थे। 

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दरअसल, बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार बीते 15 अक्‍टूबर को पटना के गंगा घाटों का जायजा लेने के लिए निकले थे। वह स्‍टीमर पर सवार होकर छठ पूजा के लिए इंतजामों का जायजा ले रहे थे। इसी बीच जेपी सेतु के पिलर से सीएम नीतीश की नाव टकराई थी। हादसे में मुख्‍यमंत्री को काफी चोट लगी थी। हालांकि तब अफसरों ने सीएम को कोई चोट लगने की बात से पूरी तरह इंकार कर दिया था। अब सीएम ने खुद ही बताया कि उनके पेट और पैर में काफी चोट लगी थी। उनके पेट में अब भी पट्टी बंधी हुई है। उन्‍होंने मीडिया के सामने अपना कुर्ता हटाकर जख्‍म भी दिखाया। सीएम ने बताया कि डाक्‍टर ने जख्‍म वाली जगह को सुरक्षित रखने को कहा है। उन्‍हें अब भी दिक्‍कत है, जिसके कारण वे अपनी कार की अगली सीट पर नहीं बैठ सकते हैं। 

इस बार रोड के रास्‍ते निरीक्षण 
बुधवार को सीएम फिर से छठ पूजा के घाटों का निरीक्षण करने पहुंचे। हांलाकि जब वे छठ घाटों का निरीक्षण करने पहुंचे तो उन्होंने नदी के रास्‍ते जाने की बजाय रोड का विकल्‍प लिया। पिछली बार उनका स्‍टीमर गंगा नदी में बने जेपी सेतु से टकराया था तो अफसरों ने इसे गलत बताया था और दावा किया था कि तकनीकी खराबी के कारण स्‍टीमर का इंजन बंद हो गया था।