महासचिव पवन वर्मा ने कहा कि वह अपनी आगे की रणनीति का फैसला अपने खत पर पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार का जवाब आने के बाद करेंगे।

नई दिल्ली. जद(यू) महासचिव पवन वर्मा ने गुरुवार को कहा कि वह अपनी आगे की रणनीति का फैसला अपने खत पर पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार का जवाब आने के बाद करेंगे और कहा कि उन्हें ''देश और पार्टी के लिये जो सही लगेगा वह बोलना जारी रखेंगे।''

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

वर्मा की टिप्पणी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने मोदी सरकार के नागरिकता से जुड़े फैसलों को लेकर पार्टी के पर चिंता जाहिर करने के लिये जद यू महासचिव को आड़े हाथों लिया था और कहा था कि वह जहां जाना चाहें वहां जाने के लिए स्वतंत्र हैं।

राज्यसभा के पूर्व सदस्य ने कहा,

राज्यसभा के पूर्व सदस्य ने कहा, ''मुझे कोई जवाब नहीं मिला है। पार्टी अध्यक्ष का जवाब आने या नहीं आने पर मैं अपनी आगे की रणनीति पर फैसला करूंगा। मुझे जो सही लगता है, जो देश और पार्टी के लिये अच्छा है वह बोलना मैं जारी रखूंगा।''

संशोधित नागरिकता कानून और राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी की कवायद को लेकर पूर्व राजनयिक ने जद (यू) से अलग रुख अपनाया और अक्सर वह यह दावा करते हैं कि ये कदम तथा भाजपा के एजेंडे में शामिल राष्ट्रीय नागरिक पंजी देश को बांटने वाले हैं।

मुद्दे पर कुमार से की वैचारिक स्पष्टता की मांग

हाल में सोशल मीडिया पर पोस्ट किये गए एक पत्र में वर्मा ने दिल्ली विधानसभा चुनावों में पार्टी के भाजपा के साथ गठजोड़ करने के बाद इस मुद्दे पर कुमार से वैचारिक स्पष्टता की मांग की थी।

कुमार ने पूर्व में संवाददाताओं से कहा था, ''वह एक विद्वान व्यक्ति हैं और मेरे मन में उनके प्रति काफी सम्मान है, भले ही उनके दिल में मेरे लिये ऐसे विचार न हों। लेकिन क्या ये बातें पार्टी के अंदर न रखकर सार्वजनिक रूप से रखना सही है।''

वर्मा ने कहा कि उन्होंने यह जानना चाहा था। उनके मन में कुमार के लिये काफी सम्मान है। उन्होंने कहा कि कुमार ने उनके लिये जो कुछ भी किया उसके लिये वे बेहद शुक्रगुजार हैं।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)