बिहार में विधानसभा चुनाव में अभी आठ महीने का समय बाकी है लेकिन राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चली है। एनआरसी के मुद्दे पर राजद की ओर से उठाए जा रहे सवाल का सीधा जवाब सीएम दे चुके हैं। अब राजद के विधायक ही अपने पार्टी नेता के फैसले पर सवाल खड़े कर रहे हैं। 

पटना। नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) के मुद्दे पर विपक्षी पार्टियां लगातार एनडीए को घेर रही है। बिहार में मुख्य विपक्षी पार्टी राजद ने 19 दिसंबर को इस मुद्दे पर बिहार बंद किया था। बीते दिनों विधानसभा में भी पार्टी नेता तेजस्वी यादव ने भी मुख्यमंत्री पर सवाल उठाए थे। जिसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ कहा था कि बिहार में एनआरसी का सवाल ही नहीं उठता है। बता दें कि इससे पहले भी नीतीश ने एनआरसी को बिहार में लागू नहीं होने देने बात कही थी। अब इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर राजद के विधायक ही अपने नेता और उनके द्वारा उठाए गए कदम की आलोचना करते दिखे। 

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जदयू प्रदेश अध्यक्ष की भोज में हुए शामिल
राजद विधायक फराज फातमी ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में एनआरसी लागू नहीं होने दिया जाएगा, इसके बाद भी एनआरसी के विरोध में रैली का क्या मतलब है। बिहार में नीतीश कुमार से बड़ा कोई चेहरा नहीं है। 2020 में होने वाले विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार बिहार में फिर से सरकार बनाएंगे। बता दें कि फराज फातमी केवटी से विधायक हैं। उन्होंने ये बयान जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह की ओर से आयोजित मकर संक्रांति भोज के दौरान कही। 

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चुनाव से पहले बढ़ी राजद की मुश्किलें
उल्लेखनीय हो कि एनआरसी के मुद्दे पर बिहार बंद बुलाकर विरोध जताने के बाद अब राजद नेता तेजस्वी यादव पोल खोल यात्रा करने वाले है। तेजस्वी के इस फैसले का फराज ने विरोध किया है। बताते चले कि फराज फातमी से पहले राजद के एक अन्य विधायक महेश्वर यादव ने पार्टी लाइन से अलग बयान दिया था। अब एनआरसी के मुद्दे पर खुद के विधायकों से घिरने के बाद तेजस्वी यादव क्या फैसला लेते हैं ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन इतना तय है कि चुनाव पूर्व तेजस्वी और राजद की राहों में कई मुश्किलें है।