कोरोना लॉकडाउन की वजह से बॉलीवुड और टीवी के कई एक्टर्स बेहद तंगहाली से गुजर रहे हैं। बीते दिनों बॉलीवुड एक्ट्रेस शगुफ्ता अली (Shagufta Ali) की दर्दभरी कहानी के बाद अब एक और एक्ट्रेस ने अपनी आपबीती सुनाई है। फिल्म 'नदिया के पार' में काम कर चुकीं एक्ट्रेस सविता बजाज (Savita Bajaj) इन दिनों बेहद तंगहाली में जिंदगी बिता रही हैं।

मुंबई। कोरोना लॉकडाउन की वजह से बॉलीवुड और टीवी के कई एक्टर्स बेहद तंगहाली से गुजर रहे हैं। बीते दिनों बॉलीवुड एक्ट्रेस शगुफ्ता अली (Shagufta Ali) की दर्दभरी कहानी के बाद अब एक और एक्ट्रेस ने अपनी आपबीती सुनाई है। फिल्म 'नदिया के पार' में काम कर चुकीं एक्ट्रेस सविता बजाज (Savita Bajaj) इन दिनों बेहद तंगहाली में जिंदगी बिता रही हैं। सविता बजाज की हालत इतनी खराब है कि उन्होंने एंबुलेंस के स्ट्रेचर पर लेटे हुए कहा था कि मेरा गला घोंटकर मुझे मार दो। मुझे ऐसी जिंदगी नहीं जीनी है। दरअसल, सविता को जब अस्पताल ले जाया जा रहा था तो उन्होंने चिल्ला-चिल्लाकर ये गुहार लगाई थी।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सविता बजाज को सांस की बीमारी है, लेकिन उनके पास इलाज तक के पैसे नहीं बचे हैं। सविता ने एक इंटरव्यू में कहा कि मेरी हालत बिलकुल भी ठीक नहीं है। मेरा यहां कोई नहीं है। मैंने पैसे तो बहुत कमाए थे, लेकिन सब इलाज में खर्च हो गए। मेरे पास बैंक में सिर्फ 35 हजार रुपए बचे थे और अब वो भी निकाल लिए हैं।

सविता बजाज के मुताबिक, जब नूपुर अलंकार (को-एक्ट्रेस) मुझसे मिलने आईं तो उन्होंने कहा कि आप मीडिया को बताओ। इस पर मैं नाराज हो गई। उम्र की इस दहलीज पर मैंन नहीं चाहती कि किसी के आगे हाथ फैलाऊं। अब तक मुझे कहीं से भी कोई मदद नहीं मिली है। लोग हालचाल तो पूछ रहे हैं, लेकिन पैसे की मदद के लिए अब तक कोई आगे नहीं आया है। बता दें कि नूपुर अलंकार सिंटा (सिने आर्टिस्ट असोसिएशन) की मेंबर हैं और उनकी तरफ से कुछ मदद दी गई है। वर्क फ्रंट की बात करें तो सविता ने फिल्म 'नदिया के पार', तर्पण, बेटा हो तो ऐसा और चक्र में काम किया है। इसके अलावा वो टीवी शो बेताल में भी नजर आ चुकी हैं।