8वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹69,000 और ₹29,200 से बढ़कर ₹1.12 लाख हो सकती है। जानिए फिटमेंट फैक्टर का पूरा गणित।
8th Pay Commission Salary Calculation: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का एक साल पूरा होने वाला है और अब कर्मचारी यूनियनों ने सरकार के सामने अपनी डिमांड रख दी है। इस बार जो डिमांड रखी गई है, उसके हिसाब से अगर सैलरी बढ़ी, तो मौज हो सकती है। कर्मचारी संगठनों ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। जिसके अनुसार 18,000 की बेसिक सैलरी 69,000 और 29,200 की बेसिक सैलरी 1.12 लाख हो सकती है। आइए समझते हैं इस फिटमेंट फैक्टर का पूरा कैलकुलेशन...
8वें वेतन आयोग को लेकर क्या मांग है?
7वें वेतन आयोग में एक सरकारी कर्मचारी की सबसे कम (न्यूनतम) बेसिक सैलरी ₹18,000 है। अब कर्मचारी यूनियन नेशनल काउंसिल-JCM ने मांग की है कि 8वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर कम से कम ₹69,000 किया जाए। यूनियन ने एक 5 लोगों के परिवार का महीने का खर्च जोड़ा। इसमें राशन, कपड़े, घर का खर्च, बिजली, पानी, पेट्रोल, त्योहार और पढ़ाई जैसी बेसिक जरूरतें शामिल की गईं। इन सबको मिलाकर एक महीने का खर्च करीब ₹68,947 निकला। इसी को राउंड फिगर में करके ₹69,000 की न्यूनतम बेसिक सैलरी (ग्रुप-सी के लिए) की मांग रख दी गई।
क्या है 3.83 फिटमेंट फैक्टर का गणित?
फिटमेंट फैक्टर वह फॉर्मूला है जिससे आपकी पुरानी बेसिक सैलरी को गुणा (Multiply) करके नई बेसिक सैलरी बनाई जाती है, जो नई डिमांड को पुरानी सैलरी से भाग (₹69,000 (नई डिमांड) ÷ ₹18,000 (पुरानी सैलरी) = 3.833) देकर निकलती है। यानी यूनियन चाहती है कि 8वें वेतन आयोग में 3.83 गुना (करीब पौने चार गुना) के हिसाब से सैलरी बढ़ाई जाए।
₹29,200 की बेसिक सैलरी 1.12 लाख कैसे बनेगी?
कर्मचारी यूनियन ने एक और बड़ा बदलाव मांगा है। उन्होंने कहा है कि 7वें वेतन आयोग के लेवल-4 (₹25,500 बेसिक) और लेवल-5 (₹29,200 बेसिक) को आपस में मिला दिया जाए और इसे नया 'पे-स्केल 3' बना दिया जाए। यूनियन ने कैलकुलेशन के लिए लेवल-5 वाली ₹29,200 की बेसिक सैलरी को आधार माना है। ₹29,200 (पुरानी बेसिक) में नए फिटमेंट फैक्टर 3.833 का गुणा करने पर ₹1,11,924 आता है, जिसे राउंड फिगर में 1.12 लाख रुपए कहा जा रहा है। इसी तरह अगर किसी की मैक्सिमम बेसिक ₹92,300 है, तो वो 3.83 गुना होकर 3.54 लाख रुपये हो सकती है।
8वें वेतन आयोग में नई सैलरी कब तक मिलेगी?
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला 8वां वेतन आयोग देशभर में कर्मचारी यूनियनों से बात कर रहा है। हाल ही में मुंबई और बेंगलुरु में मीटिंग्स हुई हैं। आयोग को 18 महीने में अपनी फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। यानी उम्मीद है कि मई-जून 2027 तक यह नई सैलरी का पूरा खाका बनकर तैयार हो जाएगा। अभी ये ₹69,000 और 1.12 लाख के आंकड़े कर्मचारी यूनियनों की मांग हैं, सरकार ने अभी इस पर अंतिम मुहर नहीं लगाई है। इसलिए जब तक फाइनल रिपोर्ट नहीं आती, तब तक इन नंबर्स को प्रस्ताव ही मानें।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। इसमें बताई गई सैलरी और फिटमेंट फैक्टर के आंकड़े कर्मचारी यूनियनों के प्रस्ताव हैं। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और सरकार की अंतिम मंजूरी के बाद ही सैलरी में बदलाव मान्य होगा।






