Apple ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के जांचकर्ताओं पर अपने प्रतिद्वंद्वियों के दावों को कॉपी-पेस्ट करने का आरोप लगाया है। टेक दिग्गज ने प्रतिस्पर्धा कानूनों के उल्लंघन मामले में जांच के निष्कर्षों को रद्द करने की मांग की है।

कैलिफोर्निया [अमेरिका], 29 जून, (एएनआई): Apple और भारत के प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के बीच एक नया विवाद खड़ा हो सकता है। एक रॉयटर्स रिपोर्ट के अनुसार, टेक दिग्गज ने एंटीट्रस्ट जांचकर्ताओं पर अपने प्रतिद्वंद्वियों के दावों को कॉपी-पेस्ट करने का आरोप लगाया है। Apple द्वारा प्रस्तुत दलीलों ने जांच को लेकर चिंता जताई है और प्रतिस्पर्धा कानूनों के उल्लंघन के मामले में जांच के नतीजों को रद्द करने की मांग की है। कंपनी ने कहा कि जांचकर्ताओं ने अपने विश्लेषण पर भरोसा करने के बजाय, विरोधियों द्वारा किए गए कुछ दावों का इस्तेमाल किया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, Apple ने कहा, "डीजी (महानिदेशक) ने इन बयानों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित करने या गंभीर रूप से मूल्यांकन करने का कोई प्रयास नहीं किया, बल्कि अक्सर उन्हें शब्दशः दोहराया।"

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Apple और CCI में क्यों छिड़ी है जंग?

Apple और भारत का एंटीट्रस्ट रेगुलेटर आमने-सामने हैं, क्योंकि रेगुलेटर ने पाया कि आईफोन निर्माता ने अपने iOS प्लेटफॉर्म पर इन-ऐप खरीदारी से संबंधित प्रतिस्पर्धा कानूनों का उल्लंघन किया है। 2021 के इस मामले में रेगुलेटर द्वारा की गई एक जांच में पाया गया कि Apple ने ऐप स्टोर बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग किया और "अनुचित आचरण और प्रथाओं" में शामिल रहा।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने Apple पर दिल्ली उच्च न्यायालय में जुर्माने के कानून को चुनौती देकर मामले को लटकाने का आरोप लगाया है। कंपनी ने कहा कि यह कानून भारत में हुए उल्लंघनों के लिए दंड की गणना के लिए वैश्विक टर्नओवर का उपयोग करने की अनुमति देता है, जिससे अनुपातहीन जुर्माना लगता है।

इस विवाद के केंद्र में भारतीय स्टार्टअप्स के एक गठबंधन द्वारा की गई चुनौती है, जिसने Apple पर उन्हें इन-ऐप खरीदारी के माध्यम से अपने ऐप स्टोर इकोसिस्टम से बांधने और किसी अन्य विकल्प की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाया है। Apple ने कहा है कि वह ऐप स्टोर के लिए भारतीय बाजार में एक बहुत छोटा खिलाड़ी है और उसे भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है, जिसे उसने अनुपातहीन बताया है। (एएनआई)

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