Bitcoin Price Prediction: ग्लोबल मार्केट में बढ़ती लिक्विडिटी और $22.4 ट्रिलियन की मनी सप्लाई बिटकॉइन को $90,000 के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा सकती है। हालांकि, ईरान-इजरायल युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बड़ा खतरा बनी हुई हैं। अगर जंग का समाधान जल्द नहीं निकला, तो बिटकॉइन में भारी बिकवाली देखने को मिल सकती है।
Crypto Market Alert: क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में इस समय जबरदस्त हलचल मची हुई है। एक तरफ ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के बीच बिटकॉइन की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ क्वांटम कंप्यूटिंग (Quantum Computing) के खतरे ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। क्या बिटकॉइन सच में $90,000 के स्तर को छुएगा या फिर यह किसी बड़े क्रैश की ओर बढ़ रहा है? आइए समझते हैं उन 3 बड़े संकेतों को जो मार्केट का रुख बदल सकते हैं।
क्वांटम खतरा: क्या टूटने वाला है बिटकॉइन का सुरक्षा चक्र?
दिग्गज इन्वेस्टमेंट फर्म जेफरीज (Jefferies) ने हाल ही में अपने मॉडल पोर्टफोलियो से बिटकॉइन का 10% एलोकेशन हटा दिया है। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण 'क्वांटम रिस्क' बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि भविष्य के शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटर बिटकॉइन की क्रिप्टोग्राफी (Security) को तोड़ सकते हैं। इस खबर ने बड़े संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) के भरोसे को थोड़ा डगमगा दिया है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर 'क्वांटम-रेसिस्टेंट' टेक्नोलॉजी जल्द आती है, तो निवेशक वापस लौटेंगे।
जंग और कच्चे तेल का खेल: $80,000 या भारी गिरावट?
28 फरवरी से शुरू हुए यूएस-इजरायल और ईरान के बीच तनाव का असर सीधे तौर पर क्रिप्टो मार्केट पर दिख रहा है। तनाव की शुरुआत में बिटकॉइन 8.5% तक गिरा था, लेकिन उसने तेजी से रिकवरी (Resilience) दिखाई है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर यह युद्ध लंबा खिंचता है और कच्चे तेल (Oil) की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार जाती हैं, तो बिटकॉइन जैसे 'रिस्क एसेट्स' में भारी बिकवाली देखी जा सकती है। अगर युद्ध का समाधान जल्द निकलता है, तो लिक्विडिटी के दम पर बिटकॉइन $80,000 से $90,000 तक का सफर तय कर सकता है।
ग्लोबल लिक्विडिटी का सहारा
जनवरी 2026 तक अमेरिका की M2 मनी सप्लाई (M2 Money Supply) $22.4 ट्रिलियन तक पहुंच गई है। ग्लोबल लेवल पर इसमें 10% की सालाना बढ़ोतरी हो रही है। सिंपल भाषा में समझें तो जब मार्केट में कैश (Liquidity) बढ़ता है, तो बिटकॉइन जैसी संपत्तियों की कीमतें बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है। यह बिटकॉइन के लिए एक 'बुलिश' (तेजी का) संकेत है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्यों (Informational Purposes) के लिए है। क्रिप्टो मार्केट और बिटकॉइन में निवेश अत्यधिक जोखिम भरा होता है। बाजार की भविष्यवाणियां भू-राजनीतिक तनाव और तकनीकी बदलावों के अधीन हैं। कोई भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
इसे भी पढ़ें-पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटा, तो लाल हुए ये 5 Oil Stocks? जानें आपके लिए रिस्क या रिवॉर्ड
इसे भी पढ़ें- Nifty Top Losers: मार्केट क्रैश में डिस्काउंट पर मिल रहे ये 5 धाकड़ शेयर, कीमत ₹500 से भी कम
