Cab Booking New Rules 2026: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने Ola और Uber जैसी कैब कंपनियों को बड़ा निर्देश दिया है। अब ये कंपनियां राइड शुरू होने से पहले ग्राहकों से टिप नहीं मांग सकतीं। इस फीचर को ऐप से तुरंत हटाने को कहा गया है।
Advance Tip Cab Booking: कैब बुक करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। अब राइड मिलने की संभावना बढ़ाने या जल्दी कैब कन्फर्म कराने के लिए यात्रियों को पहले से टिप देने के लिए प्रेरित नहीं किया जा सकेगा। केंद्र सरकार ने राइड-हेलिंग कंपनियों को अपने ऐप से प्री-राइड टिपिंग के विकल्प और इस तरह के दूसरे पेमेंट प्रॉम्प्ट हटाने का निर्देश दिया है।
यह कदम ऐसे मामलों के सामने आने के बाद उठाया गया है, जब कुछ कैब प्लेटफॉर्म बुकिंग के दौरान ‘Advance Tip’ जैसे विकल्प दिखा रहे थे। इससे यात्रियों को यह धारणा बन सकती थी कि ज्यादा पैसे देने पर ड्राइवर के बुकिंग स्वीकार करने या कैब जल्दी मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
कैब बुकिंग से पहले नहीं देनी होगी टिप
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने साफ किया है कि कैब बुक करते समय किसी यात्री को टिप देने के लिए प्रेरित नहीं किया जा सकता। ऐप पर ऐसा कोई विकल्प या संदेश भी नहीं होना चाहिए, जिससे यह लगे कि अतिरिक्त भुगतान करने पर राइड जल्दी कन्फर्म होगी।
इसके अलावा, यात्रियों को यह संकेत भी नहीं दिया जा सकता कि टिप देने से कम वेटिंग टाइम, बेहतर सर्विस या किसी पसंदीदा ड्राइवर की सुविधा मिल सकती है।
यानी अब कैब का किराया और ड्राइवर को दी जाने वाली स्वैच्छिक टिप अलग-अलग रहेंगी।
राइड खत्म होने के बाद दे सकते हैं टिप
सरकार ने ड्राइवर को टिप देने पर रोक नहीं लगाई है। Motor Vehicle Aggregator Guidelines, 2025 के तहत यात्री राइड पूरी होने के बाद अपनी इच्छा से ड्राइवर को टिप दे सकते हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि टिप का पूरा पैसा ड्राइवर तक पहुंचना चाहिए। कैब एग्रीगेटर टिप की रकम में से कोई हिस्सा काटकर अपने पास नहीं रख सकता।
इसका सीधा नियम है- राइड पाने के लिए टिप नहीं, लेकिन अच्छी सर्विस के बाद खुशी से टिप जरूर दे सकते हैं।
कौन-कौन से विकल्प हटाने होंगे?
सरकार का निर्देश केवल ‘Tip’ नाम का बटन हटाने तक सीमित नहीं है। ऐप पर मौजूद ऐसे किसी भी मैसेज, ऐड-ऑन या पेमेंट फीचर को हटाना होगा, जिससे यात्री को लगे कि अतिरिक्त पैसे देने से बुकिंग प्रभावित हो सकती है।
मसलन, अगर कोई विकल्प यह संकेत देता है कि भुगतान करने पर ड्राइवर जल्दी बुकिंग स्वीकार करेगा, कैब जल्दी मिलेगी या वेटिंग कम होगी, तो इस तरह की व्यवस्था नियमों के खिलाफ मानी जा सकती है।
शिकायतों के बाद सरकार ने लिया एक्शन
प्री-राइड टिपिंग को लेकर शिकायतें और रिपोर्ट सामने आने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। इससे पहले Central Consumer Protection Authority (CCPA) भी कैब एग्रीगेटर्स को ऐसी प्रथाएं रोकने का निर्देश दे चुकी है।
अब सड़क परिवहन मंत्रालय ने एग्रीगेटर्स को अपने ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म की समीक्षा कर उन्हें 2025 की गाइडलाइंस के अनुरूप तुरंत अपडेट करने को कहा है।
यात्रियों के लिए क्या बदला?
अब कैब बुक करते समय यात्री को अतिरिक्त टिप देने की जरूरत नहीं होगी। टिप पूरी तरह स्वैच्छिक रहेगी और राइड पूरी होने के बाद ही दी जा सकेगी। यानी कैब कन्फर्म कराने के लिए एक्स्ट्रा पैसे देने का दबाव खत्म करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
