Dhoot Transmission IPO GMP: धूट ट्रांसमिशन का 3,067 करोड़ का आईपीओ खुल गया है। ग्रे मार्केट में शेयर 30% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं, जो अच्छे मुनाफे का संकेत हैं।
Dhoot Transmission IPO Review: ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी कंपनी धूट ट्रांसमिशन का आईपीओ आज 10 अगस्त 2026 को खुल चुका है। कंपनी का इश्यू 12 अगस्त तक खुला रहेगा। पहले ही दिन इस आईपीओ को लेकर बाजार में काफी हलचल देखने को मिल रही है। ग्रे मार्केट पर धमाल मचा हुआ है। अगर आप भी इस आईपीओ का इंतजार कर रहे थे और इसमें अप्लाई करना चाहते हैं, तो आइए जानते हैं इसमें कितना फायदा मिल सकता है और आपको पैसा लगाना चाहिए या नहीं..
Dhoot Transmission IPO का साइज और डिटेल्स
- यह आईपीओ आज से शुरू होकर 12 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा।
- कंपनी ने अपने शेयरों का दाम ₹829 से ₹871 प्रति शेयर तय किया है।
- कंपनी इस आईपीओ के जरिए बाजार से ₹3,067 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। इसमें नए शेयर जारी करने के साथ-साथ ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल है।
- निवेशकों को इसमें कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा, जिसमें 17 शेयर शामिल हैं।
Dhoot Transmission IPO: जरूरी तारीखें
आईपीओ ओपनिंग डेट- 10 अगस्त 2026
आईपीओ क्लोजिंग डेट- 12 अगस्त 2026
शेयर अलॉटमेंट फाइनल तारीख- 13 अगस्त 2026
शेयर लिस्टिंग तारीख (BSE/NSE)- 17 अगस्त 2026
Dhoot Transmission IPO: ग्रे मार्केट में कैसा है हाल?
किसी भी आईपीओ में लिस्टिंग गेन का अंदाजा लगाने के लिए उसका जीएमपी (Grey Market Premium) सबसे अहम होता है। बाजार के जानकारों और रिपोर्ट्स के मुताबिक, धूट ट्रांसमिशन के शेयर ग्रे मार्केट में ₹259 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। इसका मतलब है कि यह प्रीमियम कंपनी के ऊपरी प्राइस बैंड ₹871 से करीब 30% ज्यादा है, जो निवेशकों के लिए अच्छे मुनाफे का साफ इशारा दे रहा है। हालांकि, जीएमपी एक अनुमान है, जहां रोज बदलाव हो सकता है और जरूरी नहीं कि शेयर की रियल प्राइस इसी लेवल पर हो। इसलिए सिर्फ यह देखकर यह मान लेना कि IPO में करीब 30% का पक्का फायदा होगा, सही नहीं होगा।
Dhoot Transmission IPO में अप्लाई करें या दूर रहें?
ब्रोकरेज फर्म बीपी इक्विटीज (BP Equities), चॉइस ब्रोकिंग, ICICI सिक्योरिटीज और च्वॉइस जैसे कई बड़े ब्रोकरेज हाउस ने इस आईपीओ को 'सबस्क्राइब' यानी अप्लाई करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपोनेंट्स के सेक्टर में कंपनी की मजबूत पकड़ है। इसके पुराने और अच्छे क्लाइंट्स के साथ रिश्ते इसे लंबे समय में तगड़ा फायदा दिला सकते हैं। कंपनी के वित्तीय आंकड़े और ग्रोथ को देखते हुए इसके दाम को सही माना जा रहा है, जिस वजह से बड़े निवेशकों का रुझान भी इसकी तरफ बढ़ रहा है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी का उद्देश्य सामान्य जागरूकता और सूचना देना है। यह किसी भी प्रकार की वित्तीय, कानूनी या निवेश संबंधी आधिकारिक सलाह नहीं है। इस लेख में दिए गए आंकड़े, GMP और ब्रोकरेज की राय रिपोर्ट्स और बाजार के उपलब्ध अनुमानों पर आधारित हैं। समय के साथ इनमें बदलाव हो सकता है। शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश करना बाजार के जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी कंपनी के आईपीओ में पैसा लगाने या किसी भी निवेश से पहले अपनी खुद की रिसर्च और अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से सलाह जरूर लें


