Post Office Investment Scheme: पोस्ट ऑफिस की इन स्कीम से पैसा होगा डबल, जानें कैसे!
पोस्ट ऑफिस स्कीम्स: एक तरफ जहां बैंक एफडी से मिलने वाला रिटर्न कम हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ पोस्ट ऑफिस की स्कीमें 7% से ज्यादा के रिटर्न के साथ एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी हैं।

निवेशकों की आय में होगी कमी
भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में रेपो रेट में 0.25% की कटौती की है, जो इस साल लगातार चौथी बार ब्याज दरों में कटौती है। इस फैसले से बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पर निर्भर रहने वाले निवेशकों की कमाई कम हो जाएगी।
छोटी बचत योजनाएं हैं वरदान
ऐसे में, सुरक्षित और ज्यादा रिटर्न देने वाली छोटी बचत योजनाएं आम लोगों के लिए एक वरदान हैं। आमतौर पर जब रेपो रेट घटता है, तो बैंक अपनी जमा (deposit) पर ब्याज दरें भी कम कर देते हैं। बड़े बैंक पहले ही अपनी एफडी दरों में बदलाव करना शुरू कर चुके हैं। इससे बचत पर मिलने वाले ब्याज से होने वाली कमाई में काफी कमी आने की संभावना है।
काफी आकर्षक ब्याज दरें
बैंक एफडी की तुलना में, पोस्ट ऑफिस की योजनाएं फिलहाल काफी आकर्षक ब्याज दरें दे रही हैं। ब्याज दरों की हर तीन महीने में समीक्षा की जाती है। मौजूदा दरों पर, ज्यादातर योजनाएं 7% से ज्यादा का रिटर्न दे रही हैं।
मुख्य योजनाएं और उनकी ब्याज दरें
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम – 8.2 प्रतिशत
सुकन्या समृद्धि योजना - 8.2 प्रतिशत
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट – 7.7 प्रतिशत
किसान विकास पत्र - 7.5 प्रतिशत
महिला सम्मान सेविंग सर्टिफिकेट - 7.5 प्रतिशत
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट – 7.5 प्रतिशत
पोस्ट ऑफिस योजनाओं में निवेश क्यों करें?
सरकारी गारंटी
बैंकों के विपरीत, केंद्र सरकार पोस्ट ऑफिस योजनाओं पर 100% सुरक्षा की गारंटी देती है। इसका मतलब है कि आपके निवेश में कोई जोखिम नहीं है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए वरदान
60 साल से ज्यादा उम्र वालों के लिए 8.2% की ब्याज दर मिलने से यह रिटायर्ड लोगों के लिए कमाई का एक बेहतरीन जरिया है।
स्थिर आय
बाजार के उतार-चढ़ाव की परवाह किए बिना, इसमें स्थिर ब्याज मिलता है।
टैक्स में भी फायदा
NSC जैसी योजनाओं में निवेश करके, आप आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं।
यही है सही समय
ऐसे समय में जब बैंक एफडी की दरें गिर रही हैं, ज्यादा से ज्यादा रिटर्न के लिए पोस्ट ऑफिस योजनाओं को चुनना एक अच्छा फैसला है। इससे पहले कि ब्याज दरें और गिरें, अपने निवेश को सुरक्षित विकल्पों में लगाना ही समझदारी है।
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