Hindustan Copper OFS: सरकार के ₹3,000 करोड़ के OFS प्लान से हिंदुस्तान कॉपर का शेयर 7.2% टूट गया है। जानिए ₹514 का फ्लोर प्राइस, डिस्काउंट और सभी डिटेल्स।
Hindustan Copper Share: सरकारी मेटल कंपनी हिंदुस्तान कॉपर (Hindustan Copper Ltd) के शेयरों में मंगलवार के कारोबारी सत्र में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। कंपनी का शेयर इंट्रा-डे में 7.2% तक टूटकर ₹532.40 के निचले स्तर पर पहुंच गया। इस अचानक आई गिरावट के पीछे मुख्य कारण केंद्र सरकार द्वारा कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए OFS (Offer for Sale) की शुरुआत करना है। सरकार मौजूदा बाजार भाव से करीब 10.45% के डिस्काउंट पर यह शेयर बेच रही है। आइए समझते हैं कि इस OFS से जुड़े नियम क्या हैं, रिटेल निवेशकों के पास क्या मौका है और शेयर में आगे क्या रुख रह सकता है...
Hindustan Copper OFS: सरकार का मेगा प्लान
कितनी हिस्सेदारी बिकेगी: केंद्र सरकार इस OFS के जरिए हिंदुस्तान कॉपर में कुल 6% तक हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है, जिसकी कुल वैल्यू लगभग ₹3,000 करोड़ आंकी गई है।
फ्लोर प्राइस (Floor Price): सरकार ने OFS के लिए ₹514 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है, जो पिछले बंद भाव (₹574) से 10.45% सस्ता है।
बेस इश्यू (Base Size): सरकार 3% हिस्सेदारी (2,90,10,721 शेयर) बेच रही है।
ग्रीन-शू ऑप्शन: मांग अच्छी रहने पर सरकार के पास अतिरिक्त 3% हिस्सेदारी (2,90,10,721 शेयर) और बेचने का विकल्प खुला है।
हिंदुस्तान कॉप ओएफएस: निवेशकों के लिए टाइमलाइन
नॉन-रिटेल इन्वेस्टर्स (Non-Retail): 25 अगस्त को बोली लगाई गई।
रिटेल इन्वेस्टर्स (Retail Investors): 26 अगस्त को रिटेल निवेशकों के लिए बोली की विंडो खुलेगी।
हिंदुस्तान कॉपर में शेयरहोल्डिंग पैटर्न (Q1FY27)
BSE के आंकड़ों के अनुसार, जून तिमाही के अंत तक कंपनी में अलग-अलग कैटेगरी की हिस्सेदारी में प्रमोटर (भारत सरकार) 66.14%, रिटेल शेयरधारक (Public) 23.1% और म्यूचुअल फंड्स (MFs) करीब 1.0% है। इस OFS के पूरा होने के बाद सरकारी हिस्सेदारी घटकर 60.14% तक आ सकती है।
हिंदुस्तान कॉपर शेयर का ट्रैक रिकॉर्ड कैसा रहा है?
शॉर्ट-टर्म गिरावट के बावजूद हिंदुस्तान कॉपर ने लंबी अवधि में निवेशकों को शानदार मुनाफा कमाकर दिया है। पिछले एक साल में इस स्टॉक ने 125% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। इस शेयर का 52-वीक हाई ₹759.20 है, जो इसने 29 जनवरी को बनाया था। इसका 52-वीक लो ₹226.25 है, जो 1 सितंबर 2025 को बना था।
अब क्या करें निवेशक?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, OFS के कारण अक्सर शेयरों में शॉर्ट-टर्म दबाव देखने को मिलता है, क्योंकि बाजार में अचानक लिक्विडिटी और सप्लाई बढ़ जाती है। हालांकि, रिटेल निवेशकों के पास 26 अगस्त को ₹514 के बेस प्राइस के आसपास खरीदारी करने का अवसर रहेगा। लॉन्ग टर्म के नजरिए वाले निवेशक मेटल सेक्टर की डिमांड और कंपनी के फंडामेंटल्स को देखकर रणनीति बना सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और सूचना के उद्देश्य से है। इसे निवेश की सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक या OFS में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से सलाह जरूर लें।


