HUL Share Price Target: हिंदुस्तान यूनिलिवर का Q1 मुनाफा 3.17% घटा, लेकिन ज्यादातर ब्रोकरेज अब भी शेयर पर बुलिश हैं। इस शेयर पर बड़ा टारगेट दिया है।

HUL Share: FMCG कंपनी हिंदुस्तान यूनिलिवर आज, 29 जुलाई को निवेशकों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। वजह है कंपनी के जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे। एक तरफ कंपनी का मुनाफा करीब 3% घट गया, दूसरी तरफ कई बड़े ब्रोकरेज अब भी इस शेयर पर भरोसा जता रहे हैं। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा स्तर से शेयर में 20% से 41% तक की संभावित तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर मुनाफा घटने के बाद भी HUL को लेकर बाजार इतना पॉजिटिव क्यों है? आइए जानते हैं जवाब और टारगेट प्राइस...

Hindustan Unilever Q1 रिजल्ट में क्या रहा खास?

हिंदुस्तान यूनिलीवर का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 3.17% घटकर ₹2,680 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹2,768 करोड़ का मुनाफा कमाया था। हालांकि, दूसरी तरफ कंपनी की प्रोडक्ट सेल्स 10.26% बढ़कर ₹17,149 करोड़ पहुंच गई। यह पिछले 13 तिमाहियों की सबसे तेज ग्रोथ मानी जा रही है। कुल आय भी बढ़ी और EBITDA में भी सालाना आधार पर करीब 8% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। यानी, मुनाफा थोड़ा कमजोर रहा, लेकिन बिजनेस की ग्रोथ पूरी तरह थमी नहीं है।

HUL का मुनाफा घटा, फिर शेयर क्यों चढ़ा?

रिजल्ट आने के बाद शुरुआत में शेयर पर दबाव जरूर दिखा, लेकिन बाद में इसमें तेजी लौट आई। इसकी सबसे बड़ी वजह रही ब्रोकरेज कंपनियों का भरोसा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंपनी की मांग (Demand) अभी भी मजबूत बनी हुई है। शहरों के साथ-साथ गांवों में भी FMCG प्रोडक्ट्स की बिक्री स्थिर है। इसके अलावा कंपनी लगातार प्रीमियम प्रोडक्ट्स और नए चैनलों पर फोकस कर रही है, जिससे आने वाले समय में कमाई बेहतर हो सकती है।

हिंदुस्तान यूनिलिवर शेयर की चाल कैसी रही?

रिजल्ट के बाद HUL का शेयर 52 हफ्तों के निचले स्तर ₹2,016 तक पहुंच गया था। हालांकि बाद में इसमें रिकवरी देखने को मिली और शेयर 3% से ज्यादा चढ़ गया। पिछले एक महीने में शेयर करीब 6% और साल 2026 में अब तक करीब 13% टूट चुका है। ऐसे में कई निवेशक इसे वैल्यू खरीदारी का मौका भी मान रहे हैं।

Hindustan Unilever Share: 5 बड़े ब्रोकरेज क्या कह रहे हैं?

Jefferies सबसे ज्यादा बुलिश

ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने HUL पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है। इसका टारगेट प्राइस ₹2,850 रखा है, जो मौजूदा भाव से करीब 41% ज्यादा है। ब्रोकरेज का कहना है कि तिमाही नतीजे उम्मीद से थोड़े कमजोर जरूर रहे, लेकिन कंपनी की लॉन्ग टर्म की ग्रोथ स्टोरी मजबूत बनी हुई है।

Citi की भी पॉजिटिव राय

ब्रोकरेज फर्म सिटी ने भी शेयर पर 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है। इसका टारगेट प्राइस ₹2,650 दिया है, जो मौजूदा भाव से करीब 31% अपसाइड है। Citi का मानना है कि FY27 में कंपनी की ग्रोथ जारी रह सकती है और डिमांड में फिलहाल कोई बड़ी कमजोरी नहीं दिख रही।

JP Morgan ने क्या कहा?

जेपी मॉर्गन ने शेयर पर 'Overweight' रेटिंग बरकरार रखी है। इसका टारगेट प्राइस ₹2,425 दिया है, जो मौजूदा भाव से करीब 20% ज्यादा है। ब्रोकरेज का मानना है कि HUL लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अब भी मजबूत कंपनी है।

Goldman Sachs का भरोसा कायम

Goldman Sachs ने भी 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी। इसका टारगेट प्राइस ₹2,450 रखा है, जो मौजूदा भाव से करीब 21% ज्यादा है। हालांकि, ब्रोकरेज ने अपना टारगेट पहले के मुकाबले थोड़ा कम किया है।

HSBC ने किया अपग्रेड

HSBC ने HUL को 'Hold' से 'Buy' में अपग्रेड कर दिया। टारगेट प्राइस ₹2,450 रखा है, जो मौजूदा भाव से करीब 21% ज्यादा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की ग्रोथ अब पहले से बेहतर होती दिख रही है।

CLSA की राय बाकियों से अलग

ब्रोकरेज फर्म CLSA ने HUL पर अपना नजरिया थोड़ा सावधानी वाला रखा है। इसकी रेटिंग होल्ड देते हुए टारगेट प्राइस ₹1,804 का दिया है। यानी CLSA के मुताबिक शेयर में मौजूदा स्तर से कुछ गिरावट की संभावना भी बनी हुई है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सूचनात्मक उद्देश्यों (Informational Purposes) के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) या मार्केट एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।