असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR फाइलिंग में कौन-कौन से बड़े बदलाव किए गए हैं? अब Income Tax Department ने दो घरों की आय दिखाने को लेकर क्या राहत दी है? ITR-4 फाइल करने वालों के लिए बैंक अकाउंट बैलेंस बताना क्यों जरूरी कर दिया गया है? गलत ITR फॉर्म चुनने पर टैक्सपेयर्स को किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है?

Income Tax News: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का समय आ गया है। ज्यादातर लोग अपनी कंपनियों से फॉर्म-16 मिलने का इंतजार कर रहे हैं, जो जून के मध्य तक मिल जाएगा। लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ITR-1 और ITR-4 फॉर्म के लिए ऑनलाइन फाइलिंग और एक्सेल यूटिलिटी पहले ही जारी कर दी है। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए रिटर्न भरते समय आपको कुछ जरूरी बदलावों का ध्यान रखना होगा। ये बदलाव पिछले साल की तुलना में काफी अहम हैं। पहली नजर में फॉर्म भले ही पुराने जैसा लगे, लेकिन अगर आपने ध्यान नहीं दिया तो इन बदलावों को समझना मुश्किल हो सकता है। यह भी ध्यान रखें कि यह पुराने इनकम टैक्स सिस्टम के तहत आखिरी रिटर्न फाइलिंग में से एक है, क्योंकि नए नियम लागू हो चुके हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

टैक्सपेयर्स इन 5 बदलावों पर जरूर ध्यान दें

1. अब दो घरों से होने वाली आय दिखा सकते हैं

जिन टैक्सपेयर्स के पास एक से ज्यादा घर हैं, उनके लिए यह एक बड़ी राहत है। पहले, सैलरी पाने वाले लोग और छोटे कारोबारी जो ITR-1 (सहज) और ITR-4 (सुगम) फॉर्म का इस्तेमाल करते थे, वे सिर्फ एक घर से होने वाली आय ही दिखा पाते थे। लेकिन अब, वे इन आसान फॉर्म में ही दो घरों तक से होने वाली आय की जानकारी दे सकते हैं। इसके लिए उन्हें कोई दूसरा जटिल फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी।

2. कैपिटल गेन्स टैक्स की रिपोर्टिंग हुई आसान

अगर पिछले साल कैपिटल गेन्स की रिपोर्टिंग करने में आपको कन्फ्यूजन हुआ था, तो इस बार चीजें आसान कर दी गई हैं। पिछले साल बजट में हुए बदलावों के कारण 23 जुलाई 2024 से पहले और बाद के ट्रांजैक्शन को अलग-अलग दिखाना पड़ रहा था। लेकिन असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए यह झंझट खत्म कर दिया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एक ही कैपिटल गेन्स टैक्स स्ट्रक्चर है, इसलिए तारीखों के हिसाब से ट्रांजैक्शन को बांटने की जरूरत नहीं है।

3. न मिले किराए को बताने के लिए नया कॉलम

यह उन लोगों के लिए जरूरी है जिन्होंने अपनी प्रॉपर्टी किराए पर दी है। इस बार ITR-1 और ITR-4 फॉर्म में एक नया कॉलम जोड़ा गया है, जिसमें आप उस किराए की जानकारी दे सकते हैं जो आपको नहीं मिला (Unrealized Rent)। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का मकसद किराए से होने वाली आय की जानकारी को और ज्यादा साफ और पारदर्शी बनाना है।

4. बैंक बैलेंस की जानकारी देना हुआ जरूरी

जो लोग प्रिजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम (Presumptive Taxation Scheme) के तहत ITR-4 फाइल करते हैं, उनके लिए एक नई शर्त जोड़ी गई है। सेक्शन 44AD, 44ADA, और 44AE के दायरे में आने वाले लोगों को अब 31 मार्च 2026 तक अपने सभी एक्टिव बैंक अकाउंट्स का क्लोजिंग बैलेंस बताना अनिवार्य होगा। यह जानकारी ITR-4 के कॉलम 'E21' में देनी होगी। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि गलत जानकारी देने या जानकारी छिपाने पर टैक्स नोटिस या जुर्माना लग सकता है।

5. सही ITR फॉर्म चुनना बहुत जरूरी

सही ITR फॉर्म चुनना हमेशा से ही अहम रहा है, लेकिन इस साल इसका महत्व और भी बढ़ गया है। अगर आपकी आय कई स्रोतों से होती है, जैसे- सैलरी, किराया, कैपिटल गेन्स, फ्रीलांसिंग, ट्रेडिंग या बिजनेस, तो आपको यह पक्का करना होगा कि आप सही फॉर्म चुन रहे हैं। गलत फॉर्म चुनने पर आपको डिफेक्टिव रिटर्न का नोटिस मिल सकता है, रिफंड में देरी हो सकती है, टैक्स की गलत गणना हो सकती है, या फिर पिछले सालों के नुकसान को आगे ले जाने (carry forward losses) का फायदा भी आप खो सकते हैं।