Jio Platforms IPO में GIC, LIC और बड़े म्यूचुअल फंडों ने निवेश किया। जानें कंपनी की वित्तीय स्थिति, IPO प्राइस बैंड और निवेश से जुड़ी डिटेल्स।

JIO Platforms IPO: रिलायंस की टेलिकॉम कंपनी जियो का आईपीओ बुधवार 21 अक्टूबर को निवेश के लिए ओपन हुआ। खुलते ही इसे इन्वेस्टर्स का शानदार रिस्पांस मिला और इश्यू कुछ घंटों में ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। Jio Platforms के आईपीओ में देश ही नहीं बल्कि विदेशी कंपनियों ने भी भरोसा जताया है। ऐसे में जानते हैं कि क्या इसमें पैसा लगाना मुनाफे का सौदा होगा?

Jio Platforms IPO: एंकर निवेशकों से जुटाए 8,109.84 करोड़ रुपये

पब्लिक इश्यू खुलने से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 अक्टूबर को एंकर निवेशकों से 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस निवेश में कुल 212 एंकर निवेशकों ने हिस्सा लिया था। एंकर निवेशकों में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय सॉवरेन वेल्थ फंड और पेंशन फंड शामिल थे। इनमें सिंगापुर का GIC, नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, PSP इन्वेस्टमेंट्स, कैलिफोर्निया स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट सिस्टम और फ्लोरिडा रिटायरमेंट सिस्टम जैसे बड़े संस्थान शामिल थे।

JIO IPO में देश की इन टॉप कंपनियों ने किया निवेश

कई प्रमुख घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में निवेश किया है। इनमें SBI म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल, HDFC म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ, निप्पॉन इंडिया और कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड शामिल हैं। इनके अलावा, देश की प्रमुख बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों ने भी इस इश्यू में निवेश किया। इनमें लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC), HDFC लाइफ, SBI लाइफ, SBI पेंशन, HDFC पेंशन, ICICI प्रूडेंशियल और UTI पेंशन जैसे नाम शामिल हैं।

JIO के आईपीओ में पैसा लगाना चाहिए या नहीं?

  • जियो प्लेटफॉर्म्स (Reliance Jio Platforms) का ₹30,213 करोड़ का आईपीओ 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक खुला है। इसमें शेयर का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 तय किया गया है।
  • जियो के पास 53.33 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं और यह भारत का लगभग 60% वायरलेस डेटा ट्रैफिक संभालती है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू ₹1.46 लाख करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹30,049 करोड़ रहा है।
  • आईपीओ से जुटने वाली अधिकांश करम का उपयोग रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने में किया जाएगा, जिससे कंपनी की वित्तीय सेहत और मजबूत होगी।
  • मजबूत मार्केट लीडरशिप और बेहतर फाइनेंशियल कंडीशन के चलते ज्यादातर ब्रोकरेज हाउस ने इसे लंबे समय के निवेश के लिए 'सब्सक्राइब' करने की सलाह दी है।

देश के दूसरे बड़े IPO से कैसे अलग है Jio Platforms का आईपीओ?

जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO अपने स्ट्रक्चर के लिहाज से भी दूसरे बड़े IPO से अलग है। यह शेयरों का फ्रेश इश्यू है। इसका मतलब है कि कंपनी नए शेयर जारी कर रही है और इससे जुटाई जाने वाली रकम सीधे कंपनी को मिलेगी। इसके विपरीत, हुंडई मोटर इंडिया और LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने अपने IPO में बिक्री के लिए मौजूदा शेयर पेश किए थे। ऐसे ऑफर को ऑफर फॉर सेल (OFS) कहा जाता है। इसमें शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को बिक्री से मिलने वाली रकम प्राप्त होती है।