Petrol Diesel Price 9 October 202: 9 अक्टूबर को देश के बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं। ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल 100 डॉलर के पार होने के बावजूद आम जनता को राहत मिली है। सरकारी तेल कंपनियों ने रेट नहीं बदले हैं, लेकिन नायरा एनर्जी ने हाल ही में कीमतें बढ़ाई हैं।
Nayara Energy Fuel Price Hike: देश के बड़े शहरों में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, फिर भी वाहन चालकों को राहत मिली है।
इंडियन ऑयल (IOCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के रेट स्थिर रखे हैं। लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम में काफी उतार-चढ़ाव के बावजूद मई से इन कंपनियों के फ्यूल रेट नहीं बदले हैं। हालांकि, प्राइवेट कंपनी नायरा एनर्जी ने हाल ही में पेट्रोल पर 5 रुपये और डीजल पर 3 रुपये प्रति लीटर दाम बढ़ा दिए हैं。
आज 9 अक्टूबर को पेट्रोल और डीजल के रेट
| शहर | पेट्रोल (रुपये/लीटर) | डीजल (रुपये/लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 रुपये | 95.20 रुपये |
| मुंबई | 111.21 रुपये | 97.83 रुपये |
| कोलकाता | 113.51 रुपये | 99.82 रुपये |
| चेन्नई | 107.77 रुपये | 99.55 रुपये |
| बेंगलुरु | 111.68 रुपये | 99.56 रुपये |
| हैदराबाद | 116.15 रुपये | 104.23 रुपये |
इस अपडेट से आम आदमी के बजट को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन आगे फ्यूल के दाम क्या होंगे, यह कहना मुश्किल है। तेल कंपनियों की लागत लगातार बढ़ रही है। अगर इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल महंगा ही रहा, तो आने वाले दिनों में कीमतें बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता।
पश्चिम एशिया के तनाव के बीच क्रूड ऑयल में हल्की नरमी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान के बाद शुक्रवार सुबह ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम थोड़े गिरे हैं। ट्रंप ने कहा है कि नवंबर के मिडटर्म चुनाव से पहले वह ईरान पर कोई नया हमला नहीं करेंगे। इस खबर से बाजार को थोड़ी राहत मिली है, हालांकि सप्लाई रुकने का डर अभी भी बना हुआ है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर यह भी बताया कि ईरान के साथ बातचीत अच्छी रही है। उनका दावा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चा तेल गुजर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी जारी रहेगी।
एनर्जी मार्केट के लिए यह इलाका अभी भी चिंता का विषय है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर हमले और तनाव बढ़ने के खतरे ने ग्लोबल ऑयल सप्लाई की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि अमेरिकी प्रशासन ने ईरान पर तीन दिनों तक हमले का प्लान बनाया था। इसमें ड्रोन, मिसाइल ठिकानों और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की तैयारी थी।
