इस साल 3500 करोड़पति भारत छोड़कर विदेश में बसने की तैयारी में हैं, जिससे देश को बड़ा आर्थिक नुकसान होगा। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले यह संख्या कम है। जानिए, क्या है इसकी वजह?

नई दिल्ली: भारत के अमीर लोग, बिजनेसमैन और कई करोड़पति भारत छोड़कर दूसरे देशों में बस रहे हैं, ये कोई नई बात नहीं है। लेकिन इस साल पूरे 3,500 करोड़पति भारत छोड़ने की तैयारी में हैं। ये लोग पहले ही दूसरे देशों में बसने का इंतज़ाम कर चुके हैं और ज़रूरी कागज़ात बनवा रहे हैं। हेन्ली प्राइवेट वेल्थ माइग्रेशन 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर इस साल 3,500 अमीर लोग भारत छोड़कर दूसरे देश में बस जाते हैं, तो देश को पूरे 26 बिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान होगा।

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2023 के मुकाबले इस साल कम

2025 में 3,500 करोड़पति विदेश में बसने की तैयारी कर रहे हैं। दिसंबर 2025 तक करीब 3,500 लोग अलग-अलग देशों में बस जाएँगे। इनमें से कई लोग पहले से ही बिजनेस या नौकरी के सिलसिले में विदेशों में आते-जाते रहते हैं। अब ये लोग भारत छोड़कर हमेशा के लिए विदेश में बसने वाले हैं। लेकिन हाल के सालों में ये ट्रेंड कम हो रहा है। भारत छोड़कर दूसरे देश में बसने वालों की संख्या घट रही है। 2023 में 4,300 लोग भारत छोड़कर विदेश में बसे थे। इस साल ये संख्या लगभग 3,500 है। साल-दर-साल विदेश में बसने वाले करोड़पतियों की संख्या कम हो रही है।

10 सालों में भारत में करोड़पतियों की संख्या

2014 से 2025 तक के आंकड़े देखें तो पिछले 10 सालों में भारत में अमीरों की संख्या बढ़ी है। 2014 से 2024 तक भारत में करोड़पतियों की संख्या में 72% की बढ़ोतरी हुई है। भारत में कई तरह की आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ी हैं और आर्थिक ताकत भी बढ़ी है। दुनिया भर की रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में गरीबी भी कम हुई है।

विदेश जाने वालों में UK सबसे आगे

भारत से दूसरे देश जाकर बसने वालों की संख्या पिछले कुछ सालों में कम हो रही है। ये सिर्फ़ भारत की समस्या नहीं है। कई देश इस समस्या से जूझ रहे हैं। अमीर होते ही लोग अपना देश छोड़कर अपनी पसंद के देश में, जहाँ उनका बिजनेस या नौकरी हो, बस जाते हैं। इस लिस्ट में यूनाइटेड किंगडम सबसे आगे है। इस साल UK छोड़कर दूसरे देश में बसने वालों की संख्या पूरे 16,500 है। चीन से इस साल 7,800 लोग देश छोड़ रहे हैं।

दुनिया भर में इस तरह दूसरे देश जाकर बसने वालों की इस साल की संख्या 1,42,000 है। हर देश से दूसरे देश में जाना आम बात है। लेकिन कुछ देशों में ये संख्या चिंताजनक है। भारत में ये संख्या इस साल सिर्फ़ 3,500 है। दूसरे बड़े देशों के मुकाबले भारत की संख्या कम है। लेकिन भारत की संपत्ति और अर्थव्यवस्था के लिए ये एक बड़ा झटका है।

ज़्यादातर लोगों की पसंद UAE, US और Saudi

भारत, UK समेत कई देशों के अमीर लोग दूसरे देशों में जाकर बस रहे हैं। इनकी पहली पसंद UAE, अमेरिका और सऊदी अरब है। यूनाइटेड अरब एमिरेट्स इस साल भी सबसे ज़्यादा लोगों को अपनी तरफ़ खींच रहा है। पूरे 9,800 लोग UAE में बस रहे हैं। इस साल अमेरिका में बसने वालों की संख्या 7,500 है।