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8th Pay Commission: 1 जनवरी से क्यों नहीं बढ़ी सैलरी? क्या है देरी की वजह-अब कब बढ़ेगा वेतन
8th Pay Commission Latest Update: लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स उम्मीद कर रहे थे कि 1 जनवरी, 2026 से 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी और पेंशन बढ़ जाएगी, लेकिन सैलरी स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ। जानिए देरी की वजह और अब कब से सैलरी बढ़ेगी...

8वां वेतन आयोग बना, लेकिन काम अभी बाकी
केंद्र सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। आयोग की अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। इसके साथ ही 1990 बैच के सीनियर IAS अधिकारी पंकज जैन को मेंबर-सेक्रेटरी बनाया गया है, जबकि IIM बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष पार्ट-टाइम मेंबर हैं। मतलब साफ है आयोग बना है, टीम भी तय है, लेकिन सिफारिशें अभी तैयार नहीं हुई हैं।
1 जनवरी 2026 से सैलरी क्यों नहीं बढ़ी?
यह सबसे बड़ा कन्फ्यूजन है। दरअसल, वेतन आयोग का नियम साफ है कि जब तक आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को नहीं देता और सरकार उसे मंजूरी नहीं देती, तब तक नई सैलरी लागू नहीं हो सकती। हर 10 साल में एक वेतन आयोग आता है। इसी पैटर्न के चलते पहले माना जा रहा था कि 1 जनवरी 2026 से नया वेतन लागू होगा, लेकिन यह सिर्फ संभावित तारीख थी, फाइनल नहीं। अभी रिपोर्ट नहीं, इसलिए सैलरी रिविजन का कोई कानूनी आधार नहीं है।
क्या एरियर मिलेगा?
हां, एरियर मिलने की पूरी उम्मीद है। पिछले सभी वेतन आयोगों की तरह, अगर 8वां वेतन आयोग लागू होता है तो नई सैलरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी, लेकिन लागू बाद में होगी। इस बीच का पूरा पैसा एरियर के रूप में मिलेगा। यह राहत की सबसे बड़ी खबर है, खासकर पेंशनर्स के लिए।
सैलरी कितनी बढ़ सकती है?
अभी कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन चर्चाएं तेज हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, न्यूनतम सैलरी 18,000 रुपए से बढ़कर 50,000 रुपए तक जा सकती है। टॉप लेवल पर सालाना पैकेज ₹1 करोड़ (ग्रॉस) के करीब पहुंच सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो सरकारी नौकरी की सैलरी प्राइवेट सेक्टर के काफी करीब पहुंच जाएगी।
8वें वेतन आयोग पर फाइनल फैसला कब आएगा?
सरकार या आयोग की ओर से अभी कोई तय टाइमलाइन नहीं आई है। हालांकि, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सरकार ज्यादा देरी नहीं करना चाहेगी, क्योंकि ज्यादा देरी होने से ज्यादा एरियर देना होगा, जिससे सरकार पर बड़ा वित्तीय दबाव बढ़ेगा। इसी वजह से माना जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद तेजी से फैसला लिया जा सकता है।

