Bajaj Housing Finance Share: बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखी गई और स्टॉक 9% टूटकर ट्रेड कर रहा है। गिरावट की वजह 19.5 करोड़ शेयरों की ब्लॉक डील और प्रमोटर बजाज फाइनेंस का 2% हिस्सेदारी बेचने का प्लान है। 

Bajaj Housing Finance Share Buy or Sell: मंगलवार के ट्रेडिंग सेशन में बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर में अचानक भारी गिरावट देखने को मिली। स्टॉक 9% गिरकर ₹95.26 पर आ गया। गिरावट की बड़ी वजह रही 19.5 करोड़ शेयरों की ब्लॉक डील, जिसकी वैल्यू करीब ₹1,890 करोड़ और प्राइस ₹97 प्रति शेयर रही। यह ब्लॉक डील ऐसे समय में हुई है, जब कंपनी के प्रमोटर बजाज फाइनेंस लिमिटेड पहले ही अपनी हिस्सेदारी बेचने का ऐलान कर चुके थे। आज के माहौल में जब निवेशक सेंटीमेंट बेहद सेंसिटिव है, ऐसे बड़े ब्लॉक ट्रांजैक्शंस तुरंत शेयर प्राइस पर असर डालते हैं। लेकिन असली सवाल यह है, यह गिरावट खतरे का संकेत है या मौका? आइए समझते हैं...

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प्रमोटर क्यों बेच रहे हैं शेयर?

सोमवार को कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि प्रमोटर बजाज फाइनेंस लिमिटेड कंपनी में अपनी 2% हिस्सेदारी बेचने की प्लानिंग बना रहा है। क्योंकि कंपनी को मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नियमों का पालन करना है। SEBI के नियमों के अनुसार, लिस्टेड कंपनियों में कम से कम 25% पब्लिक शेयर्होल्डिंग होना जरूरी है। फाइलिंग के अनुसार, प्रमोटर बजाज फाइनेंस के पास 7,39,10,03,845 शेयर यानी 88.70% होल्डिंग है। यानी पब्लिक होल्डिंग बढ़ाने के लिए प्रमोटर्स को शेयर बेचने ही पड़ेंगे।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस शेयर

बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने पिछले साल स्टॉक मार्केट में एंट्री की थी। IPO प्राइस ₹70 था। लिस्टिंग के बाद स्टॉक ₹190 तक पहुंचा, लेकिन तब से यह करीब 50% गिर चुका है। आज की ब्लॉक डील और प्रमोटर सेलिंग न्यूज ने स्टॉक पर अतिरिक्त प्रेशर डाल दिया।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस Q2FY26 रिजल्ट

बजाज हाउसिंग फाइनेंस में गिरावट के बावजूद कंपनी के फाइनेंशियल रिजल्ट्स अच्छे रहे हैं। PAT में 18% की बढ़त है। Q2FY26 में कंपनी का प्रॉफिट ₹642.96 करोड़, जबकि पिछले साल यह ₹545.60 करोड़ था। NII 34% बढ़कर ₹956 करोड़ पहुंच गया है, जिससे पता चलता है कि कंपनी की लोन बुक मजबूत गति से बढ़ रही है। NIM थोड़ा घटकर 4% हुआ। यह पिछले साल 4.1% था। NIM में हल्की गिरावट NBFC सेक्टर में बढ़ती लागत की तरफ संकेत देती है। एसेट क्वॉलिटी में भी सुधार हुआ है। ग्रॉस NPA भी 0.29% से घटकर 0.26% तक पहुंचा है। नेट NPA 0.12% पर स्टेबल है। यानी बिजनेस मॉडल ठोस है और बुक क्वालिटी बेहद मजबूत बनी हुई है।

क्या निवेशकों को चिंता करनी चाहिए?

  • मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, ब्लॉक डील से टेक्निकल प्रेशर जरूर है लेकिन फंडामेंटल प्रॉब्लम नहीं है। स्टॉक पर शॉर्ट-टर्म दबाव रहेगा, लेकिन बिजनेस वैल्यू बरकरार है।
  • प्रमोटर सेलिंग मजबूरी में है, क्योंकि पब्लिक होल्डिंग बढ़ानी है। यह मार्केट ऑपरेशन है, नेगेटिव सेंटिमेंट नहीं।
  • फाइनेंशियल रिजल्ट अच्छे और ग्रॉस NPAs बेहद कम है। NBFC सेक्टर में यह एक बड़ा पॉजिटिव है।
  • स्टॉक अपने हाई से पहले ही 50% टूट चुका है। डेटा से मजबूत कंपनी होने के कारण कई निवेशक इसे 'डिप में बाय' अवसर मान सकते हैं। लेकिन यह निवेश सलाह नहीं है।

Disclaimer: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है। इसमें दी गई कोई भी जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या मार्केट एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।