भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटकर 5.4% पर, विशेषज्ञों की नज़र मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर। क्या ये चिंता का विषय है?

India's economic growth slowed: भारत की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में दो साल के अपने निचले स्तर पर आ गई है। चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर घटकर 5.4 प्रतिशत पर पहुंच गई है। पिछले साल की समान तिमाही में वृद्धि दर 8.1 प्रतिशत है। आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, आर्थिक वृद्धि दर की गिरावट का कारण मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में खराब प्रदर्शन है। इसके पहले सबसे निचले स्तर पर जीडीपी ग्रोथ रेट वित्त वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही में थी।

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शुक्रवार को सरकार ने आधिकारिक आंकड़ा जारी किया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटकर 5.4 प्रतिशत पर आ गई जो पिछले साल की समान तिमाही में 8.1 प्रतिशत थी।

जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था

रिपोर्ट्स के अनुसार, बीती तिमाही(जुलाई-सितंबर तिमाही) भारत की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था थी। उसमें चीन की जीडीपी ग्रोथ रेट 4.6 प्रतिशत रही थी।

जीडीपी ग्रोथ रेट का पिछला सबसे निचला स्तर वित्तीय वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही में रहा है। यह वित्त वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2022) में 4.3 प्रतिशत रहा।

पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि 6.7 प्रतिशत

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के अनुसार, कृषि क्षेत्र का जीवीए एक साल पहले के 1.7 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 की जुलाई-सितंबर तिमाही में 3.5 प्रतिशत हो गया। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में manufacturing sector की जीवीए वृद्धि घटकर 2.2 प्रतिशत रह गई, जबकि एक साल पहले इसमें 14.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।

2024-25 में अप्रैल-सितंबर अवधि के दौरान देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही के 8.2 प्रतिशत की तुलना में 6 प्रतिशत रही। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि 6.7 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रही।

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