आजादी के पहले भारत में कई उद्योग उभरकर सामने आए थे। लेकिन समय के साथ कई बिजनेस ब्रैंड बंद हो गए। अब उनका सिर्फ नाम ही बचा है। देखिए उन कंपनियों की लिस्ट।

बिजनेस डेस्क. भारत की कई ऐसी कंपनियां रही है, जिसने अपने जमाने में काफी नाम कमाया है। लेकिन अब मार्केट से उन कंपनियों का नामों निशान मिट चुका है। आज हम आपको उन कंपनियों के बारे में बता रहे है, जिनका आजादी से पहले डंका बजता था। लेकिन कुछ कंपनियां ऐसी भी है, जो आज भी चल रही है। आजादी के पहले कई बिजनेस ग्रुप की स्थापना हुई। इनमें कुछ को सफलता मिली और अब भी मार्केट में बनी हुई है। कुछ कंपनियां ऐसी भी है, जो शुरुआत में काफी लोकप्रिय रही लेकिन अब इनका नाम मार्केट से पूरी तरह से गायब हो चुका है।

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ये कंपनियां आज भी उतनी शानदार

टाटा ग्रुप की नींव साल 1868 में हुई थी। ब्रिटानिया की स्थापना साल 1892 में हुई थी। अब भी इस कंपनी का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। इसके अलावा गोदरेज कंपनी को साल 1897 में शुरू किया गया था। अब यह कंपनी लोगों के बीच लोकप्रिय है।

ये कंपनियां अब हो चुकी है पूरी तरह गायब

HMT की घड़ियां

आपने कभी न कभी HMT की घड़ी का नाम तो सुना ही होगा। इस ब्रांड की घड़ी देश काफी डिमांड में रहती थी। इसे स्टेटस सिंबल के तौर पर देखा जाता था। साल 1961 में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल में HMT के घड़ियों का प्रोडक्शन शुरू करवाया था। 70 से 80 के दशक में इस घड़ी का काफी दबदबा था, लेकिन इसके बाद इन घड़ियों की सेल में गिरावट आ गई।

इस स्कूटर का था अलग ही जलवा

भारत में साल 1972 में सरकारी उपक्रम स्कूटर्स इंडिया लिमिटेड ने भारत में लैब्रैंटा स्कूटरों की मैन्यूफैक्चिरिंग और सेल्स शुरू की थी। इसके विजय डीलक्स, विजय सुपर और लैंब्रैंटा स्कूटरों को काफी पहचान मिली। लेकिन बाद में इसके कारोबार में गिरावट आनी शुरू हुई।

बॉलीवुड को नाम दिलाने वाले स्टूडियो हुए गायब

फिल्मिस्तान स्टूडियो का भारतीय सिनेमा की सफलता में बहुत बड़ा हाथ रहा है। इसकी शुरूआत साल 1943 में हुई थी। लेकिन आर्थिक तंगी के चलते इसे बेचना पड़ा।

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