रूस भारत का अच्छा दोस्त है। भारत को हथियारों के अलावा वो सस्ती कीमतों पर कच्चा तेल भी बेचता है। भारत ने पिछले कुछ महीनों में रूस से कच्चा तेल खरीदकर अरबों डॉलर की बचत की है। 

India Oil Import From Russia: रूस को भारत का सबसे अच्छा मित्र कहा जाता है। इस दोस्ती का फायदा दोनों ही देशों को होता है। भारत रूस से हथियारों के अलावा सस्ते दामों में तेल भी खरीदता है। यूक्रेन युद्ध के दौरान भी भारत ने रूस से भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदकर काफी पैसे बचाए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत को इससे करीब 7.9 अरब डॉलर की बचत हुई है।

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11 महीनों में हुई 8 अरब डॉलर की बचत

रूस से सस्ता तेल खरीदने की वजह से भारत के आयात बिल में काफी कमी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तवर्ष 2022-23 के पहले 11 महीनों के दौरान आयात बिल में करीब 7.9 अरब डॉलर की बचत हुई है। इससे देश को अपने चालू खाता घाटा कम करने में भी मदद मिली। बता दें कि रूस से सस्ती कीमतों पर कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत पर कई पश्चिमी देशों ने काफी दबाव बनाया। हालांकि, इसके बाद भी भारत ने तेल खरीदना जारी रखा।

रूस से बढ़ा लेकिन इन 2 देशों से घटा तेल आयात

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने एक महीने पहले की तुलना में रूस से ज्यादा तेल आयात किया है। वहीं, इराक और सऊदी अरब से पहले के मुकाबले तेल आयात कम हुआ है। अप्रैल के महीने में रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता रहा। रूस के बाद इराक और सऊदी अरब का नंबर आता है। बता दें कि इराक से भारत के तेल आयात में 20 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखी गई है।

रूस से कच्चे तेल की खरीदारी बढ़कर 36 प्रतिशत पहुंची

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2023-2024 के 11 महीनों में रूस से आयातित कच्चे तेल की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2022-23 की तुलना में 2 प्रतिशत से बढ़कर 36 फीसदी हो गई है। हालांकि, इस दौरान सऊदी अरब, यूएई और कुवैत से तेल आयात करीब 23 फीसदी पर आ गया, जो कि पहले 34 प्रतिशत था।

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