2026 में नौकरी कहां बनेगी? अंबानी-अडानी, टाटा-महिंद्रा का प्लान जानिए
Future Jobs India 2026: नया साल मतलब नए मौके, नई सोच और नई उम्मीदें। 2026 में सबसे बड़ा सवाल, नौकरी कहां और किस सेक्टर में बनेगी? इसका जवाब देश के बड़े उद्योगपतियों के प्लान में छुपा है। जानिए अंबानी, अडानी, टाटा और महिंद्रा का प्लान...

मुकेश अंबानी का फोकस AI और डिजिटल इंडिया
2026 में भारत का फोकस साफ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन एनर्जी, डिजिटल सर्विस, हेल्थकेयर, बैंकिंग और लॉजिस्टिक्स। ये वो सेक्टर हैं जहां सिर्फ कंपनियां नहीं बढ़ेंगी, बल्कि लाखों नए रोजगार भी पैदा होंगे। रिलायंस अब खुद को एक ऐसी कंपनी बनाना चाहती है, जहां तकनीक सबसे आगे हो। अंबानी का प्लान है कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) हर आम भारतीय तक पहुंचे और वो भी सस्ते में। जब AI सस्ती होगी, तो छोटे बिजनेस, स्टार्टअप और सर्विस सेक्टर तेजी से बढ़ेंगे। इसका सीधा मतलब है कि डेटा, टेक सपोर्ट, डिजिटल सर्विस, AI ट्रेनिंग और ऑपरेशन से जुड़ी नौकरियां बड़े पैमाने पर बनेंगी। 2026 में टेक से जुड़े युवाओं के लिए ये बड़ा मौका है।
अडानी ग्रुप का फोकस ग्रीन एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर से रोजगार
अडानी ग्रुप का पूरा जोर ग्रीन एनर्जी, एयरपोर्ट, पोर्ट और डिफेंस सेक्टर पर है। सोलर, विंड और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे प्रोजेक्ट्स में बड़े निवेश हो रहे हैं। इसका फायदा ये होगा कि इंजीनियरिंग, टेक्निकल वर्क, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और ग्राउंड लेवल जॉब्स तेजी से बढ़ेंगी। छोटे शहरों और कस्बों में भी काम के मौके बनेंगे।
टाटा ग्रुप का फोकस मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल जॉब्स
टाटा का प्लान बहुत साफ है। इलेक्ट्रॉनिक्स, एयर इंडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और मैन्युफैक्चरिंग। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल बिजनेस पर खास फोकस कर रहा है। इससे फैक्ट्री जॉब्स, टेक सपोर्ट, कस्टमर सर्विस, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल स्किल्स से जुड़ी नौकरियां बनेंगी। खास बात ये है कि यहां फ्रेशर्स और मिड-लेवल लोगों दोनों के लिए मौके होंगे।
महिंद्रा का मैसेज: मशीन आएंगी, लेकिन हुनर जरूरी रहेगा
महिंद्रा ग्रुप मानता है कि 2026 में मशीनें और ऑटोमेशन बढ़ेगा, लेकिन इंसान की स्किल सबसे जरूरी रहेगी। इलेक्ट्रिक व्हीकल, खेती की मशीनें और ऑटो सेक्टर में नई तकनीक आएगी। इसका मतलब है कि टेक्निकल स्किल, मशीन ऑपरेशन, सर्विस और मेंटेनेंस से जुड़े लोगों की मांग बढ़ेगी। किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे।
अपोलो का प्लान हेल्थकेयर सेक्टर में इलाज के साथ जॉब
अपोलो जैसे हेल्थ ग्रुप भारत को हेल्थकेयर हब बनाना चाहते हैं। नए अस्पताल, नए बेड और नई सुविधाएं आने वाली हैं। इससे सिर्फ डॉक्टर नहीं, बल्कि नर्स, टेक्नीशियन, डेटा स्टाफ और सपोर्ट टीम के लिए भी रोजगार बढ़ेगा। छोटे शहरों में भी हेल्थ सेक्टर बड़ी संख्या में नौकरियां देगा।
कोटक महिंद्रा का प्लान डिजिटल के साथ ह्यूमन टच
2026 तक बैंकिंग और ज्यादा डिजिटल होगी। लेकिन इंसानी बातचीत की जरूरत बनी रहेगी। कोटक जैसे बैंक मानते हैं कि टेक्नोलॉजी के साथ भरोसा जरूरी है। इसका मतलब है कि डिजिटल बैंकिंग, कस्टमर सपोर्ट, फाइनेंस एडवाइजरी और साइबर सेफ्टी से जुड़े रोल्स बढ़ेंगे।
जोमैटो और क्विक कॉमर्स में नए जमाने की नौकरियां
फूड डिलीवरी अब सिर्फ खाना नहीं रहेगा। क्विक कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स तेजी से बढ़ेंगे। इससे डिलीवरी, वेयरहाउस, टेक सपोर्ट और ऑपरेशन से जुड़ी नौकरियां बनेंगी, खासकर युवाओं के लिए खास मौका होगा। मतलब जो लोग नई स्किल सीखने को तैयार हैं, डिजिटल टूल्स समझते हैं और बदलते वक्त के साथ चल सकते हैं, उनके लिए 2026 बड़ा मौका है। टेक, एनर्जी, हेल्थ और सर्विस सेक्टर में नौकरी के नए दरवाजे खुल रहे हैं।

