पेटीएम की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर सिकंजा कसा फिर बोर्ड के मेंबर्स धिरे-धिरे कंपनी छोड़ने लगे। अब इंदौर में कंपनी के फिल्ड में मैनेजर ने नौकरी जाने की आशंका के तनााव में 25 फरवरी को आत्महत्या की।

बिजनेस डेस्क. इंदौर में Paytm कंपनी के फील्ड मैनेजर गौरव गुप्ता ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। यह घटना 25 फरवरी की सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है। पत्नी उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। बताया जा रहा है कि पेटीएम के बंद होने की चर्चा के बीच वह तनाव में थे। हालांकि पुलिस को अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

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पुलिस इंस्पेक्टर तारेश कुमार सोनी ने बताया कि कुछ दिनों से गौरव तनाव में थे कि कंपनी बंद सकती है और उनकी नौकरी जा सकती है। पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है।

पेटीएम पेमेंट्स बैंक की डेडलाइन 15 मार्च तक बढ़ी

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 31 जनवरी को पेटीएम की अनियमितताओं के चलते कार्रवाई की थी। आरबीआई ने गाइडलाइन जारी कर कहा है कि 15 मार्च के बाद से पेटीएम पेमेंट बैंक कस्टमर्स से किसी प्रकार का क्रेडिट या पैसे जमा नहीं कर सकेगा। बता दे कि ये डेडलाइन 29 फरवरी थी। लेकिन ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए आरबीआई ने 15 मार्च तक व्यापारियों और कस्टमर्स को अपने खातों को वैकल्पिक बैंकों में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया हैं।

पेटीएम पेमेंट बैंक के अधिकारी छोड़ रहे कंपनी

पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने 26 फरवरी को पेटीएम पेमेंट्स बैंक के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले बोर्ड के दो सदस्यों ने भी कंपनी छोड़ दी है। दिसंबर में शिंजनी कुमार ने इस्तीफा दिया था वहीं एसबीआई की पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर मंजू अग्रवाल ने बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है।

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