पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी है। जानकार मानते हैं कि इजरायल-ईरान युद्ध की आशंका, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और ग्लोबल मार्केट में मंदी जैसी कई वजहें इसके पीछे हो सकती हैं।

Stock Market Crash Today: शेयर बाजार में पिछले 3 कारोबारी सत्रों से लगातार गिरावट जारी है। सोमवार 7 अक्टूबर को स्टॉक मार्केट एक समय 900 अंकों से ज्यादा टूटकर 80,780 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी में भी 300 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और एक वक्त पर ये 24,710 के लेवल तक पहुंच गई। हालांकि, बाद में सेंसेक्स-निफ्टी में हल्का सुधार देखने को मिला। आखिर क्या हैं वो वजह जिनके चलते लगातार टूट रहा स्टॉक मार्केट?

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वजह नंबर 1 - इजराइल-ईरान युद्ध से बाजार में डर का माहौल

मिडिल ईस्ट पिछले कई महीनों से सुलग रहा है। खासकर ईरान और इजरायल में किसी भी वक्त जंग छिड़ सकती है। इसका असर ग्लोबल मार्केट के साथ ही भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। बता दें कि इजराइल इस वक्त एक साथ कई मोर्चों पर एक साथ दुश्मन से लोहा ले रहा है। उसकी लड़ाई गाजा में हमास के अलावा लेबनान में हिजबुल्लाह, यमन में हूती विद्रोही और ईरान से चल रही है।

वजह नंबर 2 - क्रूड सप्लाई पर असर पड़ने का खतरा

अगर इजराइल-ईरान में जंग शुरू हो गई तो इससे कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई पर सीधा असर पड़ेगा। इतना ही नहीं, इससे दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आएगा, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका और बढ़ जाएगी। बता दें कि भारत के संबंध इजरायल के साथ ही ईरान से भी अच्छे हैं। भारत जहां इजराइल से हथियार लेता है, वहीं ईरान से तेल आता है। अगर जंग हुई तो भारत समेत कई देशों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।

वजह नंबर 3 - फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) से जुड़े रूल्स में बदलाव

सेबी (SEBI) ने हाल ही में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग के लिए कुछ नए नियम बनाए हैं। इसके मुताबिक, 20 नवंबर से कॉन्ट्रैक्ट साइज के नियम लागू हो जाएंगे। इसके अलावा हर एक्सचेंज में एक हफ्ते में सिर्फ एक ही वीकली एक्सपायरी होगी। इन नियमों के चलते भी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में पैसा लगाने से बच रहे हैं।

वजह नंबर 4 - ग्लोबल मार्केट में गिरावट का असर

मिडिल-ईस्ट में बन रहे जंग के हालात की वजह से दुनियाभर के शेयर बाजारों में मंदी का रुख है। अमेरिका के डो जोंस, नैसडेक और S&P 500 में भी गिरावट का दौर जारी है। इसके अलावा एशियाई बाजारों की बात करें तो शंघाई कम्पोजिट, जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंगशेंग भी लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं। इसके चलते भारतीय बाजार पर भी दबाब देखा जा रहा है।

वजह नंबर 5 - स्टॉक मार्केट का ओवरवैल्यूड होना

बता दें कि भारतीय शेयर बाजारों में पिछले कई महीनों से लगातार तेजी का दौर जारी है। इसके चलते कई स्मॉल कैप और मिडकैप कंपनियों के शेयर ओवरवैल्यूड हो चुके हैं। यानी इन स्टॉक की कीमत उनकी वैल्यूएशन के हिसाब से कहीं ज्यादा है। ऐसे में शेयर बाजार कभी भी करेक्शन मोड में आ सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि शेयर बाजार काफी ऊपर पहुंच चुका है और इसमें साफतौर पर करेक्शन दिख रहा है।

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