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देश में बेरोजगारी दर में पांच प्रतिशत की कमी, एक साल में 12.6 प्रतिशत से घटकर 7.6 प्रतिशत हुआ

NSO reports के अनुसार, लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेशियो में सुधार की वजह से बेरोजगारी दर में गिरावट आ रही है। यह आंकड़ें महामारी के बाद देश में लगातार हो रहे आर्थिक सुधारों की ओर भी इशारा कर रहे हैं।

National unemployment rate slashes in India upto five percent, know the detailed study of NSO, DVG
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First Published Sep 2, 2022, 1:07 AM IST

नई दिल्ली। देश में रोजगार की संभावनाओं में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। बेरोजगारी दर घट रही है और रोजगार के दरवाजे खुल रहे हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने एक रिपोर्ट में कहा कि भारत में शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए बेरोजगारी दर अप्रैल-जून 2022 के दौरान घटकर 7.6 प्रतिशत हो गई है। यह दर अभी एक साल पहले 12.6 प्रतिशत थी। लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेशियो में सुधार की वजह से बेरोजगारी दर में गिरावट आ रही है। यह आंकड़ें महामारी के बाद देश में लगातार हो रहे आर्थिक सुधारों की ओर भी इशारा कर रहे हैं।

क्या कहते हैं आंकड़ें, महिला बेरोजगारी में कितना बदलाव?

आंकड़ों पर अगर गौर करें तो जनवरी-मार्च 2022 में देश में शहरी क्षेत्र में बेरोजगारी दर में कमी दर्ज की गई। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 8.2 प्रतिशत थी। यह आंकड़ें 15वें पीरियोडिकल लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) में सामने आया है। महिलाओं की बेरोजगारी दर में तो सबसे अधिक कमी आई है। शहरी क्षेत्रों में एक साल पहले 15 साल या उससे अधिक आयु की युवतियों-महिलाओं में बेरोजगारी दर 14.3 थी। लेकिन अब यह आंकड़ा 9.5 प्रतिशत पर पहुंच चुका है। शहरी क्षेत्रों में महिलाओं (15 वर्ष और उससे अधिक आयु) में बेरोजगारी दर अप्रैल-जून 2022 में घटकर 9.5 प्रतिशत हो गई है। जबकि जनवरी-मार्च 2022 में यह 10.1 फीसदी थी।

आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में पुरुषों (15 वर्ष और उससे अधिक आयु के) में बेरोजगारी दर एक साल पहले के 12.2 प्रतिशत की तुलना में अप्रैल-जून 2022 में घटकर 7.1 प्रतिशत रह गई। जनवरी-मार्च 2022 में यह 7.7 फीसदी थी।

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एनएसओ के आंकड़ों के अनुसार सीडब्ल्यूएस (वर्तमान साप्ताहिक स्थिति) में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों में श्रम बल भागीदारी दर अप्रैल-जून की तिमाही में 46.8 से बढ़कर 47.5 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जबकि यह दर जनवरी-मार्च 2022 की तिहाई में 47.3 प्रतिशत है। श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) अप्रैल-जून 2022 में 43.9 प्रतिशत रहा। जबकि जनवरी-मार्च 2022 में यह 43.4 फीसदी रहा था। यह रेशियो एक साल पहले 40.9 प्रतिशत था।

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