केंद्र सरकार देश में नया लेबर कोड (New Labour Code) लागू करने जा रही है। नया लेबर कोड लागू होने पर कर्मचारियों को सप्ताह में 48 घंटे काम करने के बाद 3 दिनों की छुट्टी मिलेगी।  

नई दिल्ली. केंद्र सरकार देश में नया लेबर कोड (New Labour Code) लागू करने जा रही है। माना जा रहा है कि केंद्र की मोदी सरकार 1 जुलाई से नया लेबर कोड लागू कर देगी। नए लेबर कोड को श्रम सुधारों की दिशा में बड़े सुधार के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से इसके लिए अभी तक कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। अक्सर यह होता है कि कोई भी नया कानून लागू करने से करीब 15 दिन पहले सरकार नोटिफिकेशन जारी करती है। इस मामले में अभी तक सरकार ने नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। फिर भी यदि नया लेबर कोड लागू होता है और आप नौकरी पेशा हैं तो 6 प्वाइंट्स में समझें कि क्या बदलने वाला है। 

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1. हप्ते में 4 दिन काम का फार्मूला
पहली बार में यह सुनने में अच्छा लगता है कि सप्ताह में 6 की जगह सिर्फ 4 दिन काम करना पड़ेगा। लेकिन नये लेबर कोड के अनुसार सप्ताह में 4 दिन काम तो करना होगा लेकिन काम के घंटे 8 से बढ़कर 12 घंटे हो जाएंगे। यानि आप रोजाना 12 घंटे काम करके 48 घंटे पूरे करेंगे। इस तरह सप्ताह में 48 घंटे का काम पूरा करना होगा। 

2. सप्ताह में 3 दिन की छुट्टी
जब सप्ताह में काम करने का प्रावधान 48 घंटे फिक्स कर दिया जाएगा, तब कंपनियों को 2 की जगह 3 छुट्टियां देनी पड़ेंगी। हालांकि इसे लेकर अभी भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कंपनियां भी कुछ क्लीयर नहीं बता पा रही हैं कि आखिर क्या होने वाला है। हालांकि यह तय है यदि नये लेबर कोड को लागू किया जाता है तो 4 दिन काम के बाद बाकी बचे 3 दिन छुट्टियां रहेंगी।

3. नौकरी छोड़ने पर यह फायदा
नये लेबर कोड के लागू होने के बाद कंपनियों को 2 दिन के भीतर कर्मचारियों का फुल एंड फाइनल करना होगा। तब नौकरी छोड़ने के दो दिन के भीतर ही कर्मचारी को पूरा पैसा मिल जाएगा। हालांकि यह प्रक्रिया अभी 30 से 60 दिन में पूरी होती है। यह कर्मचारियों के हिसाब से फायदेमंद होगा। 

4. रिटायरमेंट के बाद भी है फायदा
1 जुलाई से लागू होने जा रहे नये लेबर कोड के बाद से कर्मचारियों का पीएम और ग्रेच्युटि ज्यादा जमा होने लगेगा। इसका फायदा रिटायरमेंट के बाद मिलेगा और कर्मचारियों को मोटी रकाम मिलेगी ताकि वे आगे का समय बेहतर प्लान कर सकें। इसके साथ ही ग्रास सैलरी में भत्ते भी कम हो जाएंगे। एक्सपर्ट्स की मानें तो बेसिक सैलरी व भत्तों का अनुपात 50-50 प्रतिशत होगा।

5. 4 तरह के हैं प्रावधान
नये लेबर कोड में 4 विशेष प्रावधान किए गए हैं। जिसमें सामाजिक सुरक्षा, पेशेगत सुरक्षा, मजदूरी और व्यापारिक संबंध शामिल हैं। यह लागू होता है कि श्रमिकों को ज्यादा फायदा होगा। उनके साथ की जा रही विसंगतियां दूर होंगी। असंगठित श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा मिल सकेगी। 

6. इनहैंड सैलरी हो जाएगी कम
1 जुलाई से लागू होने जा रहे नये लेबर कोड का असर आपकी इनहैंड सैलरी पर भी पड़ेगा। चूंकि पीएफ व ग्रेच्युटि में ज्यादा पैसा जाएगा और भत्तों में भी कटौती होगी तो इसका असर आपके टेक होम सैलरी पर पड़ेगा। मसलन, आपके हाथ में पहले से कम पैसे आएंगे लेकिन भविष्य के लिए यह बेहतर है।

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