Paytm ने 'पॉकेट मनी' फीचर लॉन्च किया है। अब बिना बैंक अकाउंट वाले बच्चे भी UPI पेमेंट कर सकेंगे। पेरेंट्स बच्चों के लिए ₹15,000 तक की मासिक लिमिट सेट कर उनके खर्चों पर रियल-टाइम में नजर रख सकते हैं।

अब पेरेंट्स को अपने बच्चों को सामान खरीदने या आने-जाने के लिए डिजिटल तरीके से पैसे देने में कोई परेशानी नहीं होगी। देश की बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm एक ऐसा नया फीचर लेकर आई है, जिससे वे बच्चे भी डिजिटल UPI पेमेंट कर सकेंगे जिनका अपना कोई बैंक अकाउंट नहीं है। इस नए सिस्टम का नाम 'Paytm Pocket Money' है। यह फीचर बच्चों को अपने पैसों से जुड़े फैसले लेने की आजादी देता है, साथ ही पेरेंट्स को उनके खर्चों को पूरी तरह कंट्रोल करने और रियल-टाइम में उन पर नजर रखने की सुविधा भी देता है।

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क्या है पेटीएम पॉकेट मनी?

आजकल टीनएजर्स स्कूल-कॉलेज की कैंटीन, मेट्रो, टैक्सी का किराया, मोबाइल रिचार्ज और ऑनलाइन शॉपिंग के लिए बड़े पैमाने पर UPI का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, अपना बैंक अकाउंट न होने की वजह से उन्हें अक्सर अपने पेरेंट्स का फोन लेना पड़ता है, OTP पूछना पड़ता है या फिर वॉट्सऐप पर QR कोड भेजना पड़ता है। Paytm Pocket Money इन्हीं मुश्किलों का हल है। इसके जरिए पेरेंट्स अपने अकाउंट से बच्चों के फोन पर मौजूद पेटीएम ऐप में सुरक्षित तरीके से पैसे भेज सकते हैं।

कैसे काम करता है? और क्या हैं लिमिट्स?

पेरेंट्स नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के 'UPI सर्कल' के जरिए अपने बच्चों को इसमें जोड़ सकते हैं। इसकी खास बातें नीचे दी गई हैं:

महीने की लिमिट: पेरेंट्स अपने बच्चों के लिए हर महीने अधिकतम 15,000 रुपये तक की लिमिट सेट कर सकते हैं।

एक बार की ट्रांजैक्शन लिमिट: बच्चे एक बार में ज्यादा से ज्यादा 5,000 रुपये तक का ही पेमेंट कर सकते हैं।

अकाउंट: यह सर्विस सेविंग्स और करंट, दोनों तरह के बैंक अकाउंट्स पर उपलब्ध है।

पाबंदियां: इस सिस्टम के जरिए इंटरनेशनल पेमेंट नहीं किए जा सकते और न ही ATM से कैश निकाला जा सकता है।

सुरक्षा को पहली प्राथमिकता

बच्चों के पैसों के लेन-देन को और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए पेटीएम ने कई एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स दिए हैं।

शुरुआती कंट्रोल: फीचर एक्टिवेट होने के पहले 30 मिनट में सिर्फ 500 रुपये और पहले 24 घंटों में अधिकतम 5,000 रुपये का ही ट्रांजैक्शन किया जा सकता है।

डिवाइस लॉक: बच्चों के फोन पर डिवाइस लॉक (पिन, पैटर्न या फिंगरप्रिंट) होना जरूरी है।

जब चाहें बंद करें: पेरेंट्स अपने पेटीएम UPI पिन का इस्तेमाल करके कभी भी इस सर्विस की लिमिट बदल सकते हैं या बच्चे के लिए इस सुविधा को पूरी तरह से बंद कर सकते हैं।

खर्चों का हिसाब: बच्चे कहां-कहां पैसा खर्च कर रहे हैं, इसकी पूरी जानकारी पेरेंट्स अपने ऐप में देख सकते हैं।

पैसे सही से मैनेज करने के लिए 'स्पेंड समरी'

पेटीएम पॉकेट मनी की एक और खास बात यह है कि इसे 'पेटीएम स्पेंड समरी' से जोड़ा गया है। बच्चे जो भी ट्रांजैक्शन करते हैं, ऐप उसे अपने-आप अलग-अलग कैटेगरी (जैसे- खाना, ट्रैवल, शॉपिंग) में बांटकर दिखाता है। पेटीएम का कहना है कि इससे परिवारों को अपने बच्चों में कम उम्र से ही पैसे सही तरीके से खर्च करने की आदत डालने में मदद मिलेगी।