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Post Office Scheme: गारंटीड रिटर्न के साथ आपका पैसा डबल कर देती हैं यह स्‍कीम, जानिए कैसे

Post Office Scheme: इंडिया पोस्ट की वेबसाइट के अनुसार, यह पोस्‍ट ऑफ‍िस सेविंग स्‍कीम (Post Office Saving Scheme) गारंटीड रिटर्न के साथ 124 महीनों में एक निवेशक के पैसे को दोगुना करने का वादा करती है।

Post Office Scheme: This scheme doubles your money with guaranteed returns, know how
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New Delhi, First Published Nov 23, 2021, 1:14 PM IST
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Post Office Scheme: किसान विकास पत्र (Kisan Vikas Patra) पोस्‍ट ऑफ‍िस स्‍मॉल सेविंग्‍स स्‍कीम्‍स (Post Office Small Savings Schemes) में से एक है जो गारंटीड रिटर्न के साथ इंवेस्‍टर के निवेश को दोगुना करने का वादा भी करता है। यह केंद्र सरकार की स्‍मॉल सेविंग स्‍कीम्‍स में से एक है। चूंकि, केंद्र ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। किसान विकास पत्र की ब्याज दर भी 6.9 फीसदी पर स्थिर बनी हुई है। आइए आपको भी बताते हैं कि आख‍िर इस स्‍कीम की क्‍या खासियत है।

124 महीने करना होगा निवेश
इंडिया पोस्ट की वेबसाइट के अनुसार, इस पोस्‍ट ऑफ‍िस स्‍कीम की मैच्‍योरिटी टेन्‍योर 124 महीने है और इस अवधि में एक निवेशक का पैसा दोगुना हो जाएगा। इंडिया पोस्ट का दावा है कि केवीपी में निवेश की गई राशि 124 महीनों में दोगुनी हो जाती है। इस छोटी बचत योजना में न्यूनतम एक हजार रुपए और 100 रुपए के मल्‍टीपल में निवेश किया जा सकता है, जिसमें अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है।

केवीपी को गिरवी रखा जा सकता है
एक निवेशक कितने ही पोस्‍ट ऑफ‍िस केवीपी अकाउंट खोल सकता है, इस पर कोई रोक नहीं है। केवीपी को गिरवी रखा जा सकता है या सुरक्षा के रूप में ट्रांसफर किया जा सकता है, संबंधित पोस्‍ट ऑफ‍िस में निर्धारित आवेदन पत्र जमा करके गिरवीदार से स्वीकृति पत्र के साथ समर्थित किया जा सकता है। एक निवेशक अपने केवीपी सर्टिफिकेट को एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर कर सकता है। वास्तव में, केवीपी प्रमाणपत्र को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी ट्रांसफर किया जा सकता है।

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इतना मि‍ल रहा है ब्‍याज
डाकघर किसान विकास पत्र योजना पर बोलते हुए, सेबी रजिस्‍टर्ड टैक्‍स और इंवेस्‍टमेंट एक्‍सपर्ट जितेंद्र सोलंकी के अनुसार पोस्‍ट ऑफ‍िस किसान विकास पत्र में ब्याज दर पूरी निवेश अवधि के दौरान तय की जाती है। एक निवेशक को केवीपी ब्याज दर केंद्र द्वारा दी जा रही जमा पर मिलती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी ने जनवरी से मार्च 2020 तिमाही में डाकघर किसान विकास पत्र अकाउंट खोला था, तो उसे मेच्‍योरिटी के समय 7.6 फीसदी की वार्षिक ब्याज दर मिलेगी। वर्तमान किसान चालू तिमाही में खोले जाने वाले नए अकाउंट पर विकास पत्र की ब्याज दर 6.9 फीसदी लागू होगी। केवीपी की ब्याज दर अप्रैल से जून 2020 में 7.6 फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी कर दी गई थी और यह आज तक स्थिर बनी हुई है।

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