RBI MPC Announcements: आज RBI ने रेपो रेट को लेकर क्या फैसला सुनाया? क्या इस फैसले से आपकी होम लोन या कार लोन की EMI बढ़ जाएगी? आरबीआई ने अपना 'न्यूट्रल' स्टेंस क्यों बरकरार रखा है? पिछली कुछ बैठकों में रेपो रेट का क्या ट्रेंड रहा है?
RBI Repo Rate News: अगर आप अपने घर, गाड़ी या पर्सनल लोन की EMI बढ़ने के डर से परेशान थे, तो आपके लिए एक बहुत अच्छी और सुकून देने वाली खबर है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज मौद्रिक नीति समीक्षा (MPC) बैठक के नतीजों का ऐलान कर दिया है। आरबीआई ने इस बार आपकी जेब पर कोई नया बोझ नहीं डाला है और रेपो रेट को बिना किसी बदलाव के 5.25% पर बरकरार रखा है। आरबीआई ने अपना रुख भी 'न्यूट्रल' रखा है। इसका सीधा मतलब यह है कि यूएस-ईरान में चल रहे युद्ध और भयंकर गर्मी के बावजूद भारतीय रिजर्व बैंक ने फिलहाल लोन की ब्याज दरों को न बढ़ाने का फैसला किया है। मतलब आपकी मंथली ईएमआई जैसी चल रही थी, वैसी ही चलती रहेगी।

रेपो रेट पिछले 5 बार में कब बढ़ा, कब घटा
फरवरी 2025: 0.25% की कटौती (राहत की शुरुआत)
अप्रैल 2025: 0.25% की एक और कटौती
जून 2025: 0.50% की बंपर कटौती (लोन सबसे सस्ते हुए)
दिसंबर 2025: 0.25% की कटौती
फरवरी 2026: कोई बदलाव नहीं, दरें 5.25% पर टिकीं
रेपो रेट क्या होता है?
रेपो रेट वह ब्याज दर होती है, जिस पर आरबीआई बाकी बैंकों जैसे SBI, HDFC, ICICI को लोन देता है. जब यह दर स्थिर रहती है, तो आपके बैंक भी आपके होम लोन या कार लोन की ब्याज दरें नहीं बढ़ाते हैं।
रेपो रेट न बढ़ने से आफको क्या करना है?
नया लोन लेने का सही समय
चूंकि दरें पिछले साल के मुकाबले काफी कम (5.25%) पर टिकी हुई हैं, अगर आप नया घर या गाड़ी लेने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो फ्लोटिंग रेट पर लोन लॉक करने का यह एक अच्छा मौका हो सकता है।
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) का फायदा
अगर आपके पास कुछ एक्स्ट्रा सेविंग्स पड़ी हैं, तो अभी FD पर बैंकों में अच्छे ब्याज दर मिल रहे हैं। शॉर्ट-टर्म या लॉन्ग-टर्म एफडी में पैसा पार्क करना एक सेफ ऑप्शन रह सकता है।


