Stock Market New Timings: आज सोमवार से NSE में नए ट्रेडिंग टाइम लागू हो गए हैं। जानिए अब शेयर बाजार कितने बजे बंद होगा, F&O ट्रेडिंग का नया समय और SEBI के नए नियम।
NSE New Trading Timings Today: अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं या F&O में ट्रेडिंग करते हैं, तो आपके लिए बड़ी खबर है। आज 3 अगस्त से NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) में ट्रेडिंग टाइम से जुड़े बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। अब सभी शेयरों की ट्रेडिंग एक ही समय पर खत्म नहीं होगी। F&O शेयर, कैश मार्केट और डेरिवेटिव्स के लिए अलग-अलग क्लोजिंग टाइम तय किए गए हैं। ऐसे में अगर आपको अब भी लगता है कि शेयर बाजार रोज की तरह 3:30 बजे बंद होगा, तो पहले यह खबर पूरी पढ़ लीजिए। नहीं तो ट्रेडिंग के दौरान कन्फ्यूजन हो सकता है...
स्टॉक मार्केट में आज से क्या बदल गया?
SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) ने F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) में शामिल शेयरों के लिए CAS (Closing Auction Session) लागू किया है। इसी वजह से NSE ने इक्विटी डेरिवेटिव्स की ट्रेडिंग का समय भी बढ़ा दिया है। ध्यान रहे, पूरे शेयर बाजार का समय नहीं बदला है। बदलाव सिर्फ कुछ खास सेगमेंट में हुआ है।
शेयर मार्केट में तीन अलग-अलग क्लोजिंग टाइम
नॉन-एफएंडओ शेयर (Non-F&O Shares)
जो शेयर F&O सेगमेंट में नहीं आते, उनमें सामान्य कैश-मार्केट ट्रेडिंग पहले की तरह दोपहर 3:30 बजे तक चलती रहेगी। इनके टाइम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
एफएंडओ वाले शेयर (F&O-Eligible Shares)
इन शेयरों में रेगुलर ट्रेडिंग 3:15 बजे ही बंद हो जाएगी और इसके बाद ये 'क्लोजिंग ऑक्शन सेशन' (CAS) में चले जाएंगे।
डेरिवेटिव्स (Stock & Index F&O)
स्टॉक और इंडेक्स फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस की ट्रेडिंग अब 3:40 बजे तक जारी रहेगी।
F&O ट्रेडर्स को मिलेंगे एक्स्ट्रा 10 मिनट
इक्विटी डेरिवेटिव्स (F&O) की ट्रेडिंग अब पुराने समय (3:30 बजे) की बजाय 10 मिनट ज्यादा यानी 3:40 बजे तक खुली रहेगी। इस बदलाव से डेरिवेटिव्स ट्रेडर्स को कैश-मार्केट ऑक्शन के बाद अपनी पोजीशन एडजस्ट करने, जोखिम को कवर (hedge) करने या क्लोजिंग प्राइस के हिसाब से फैसला लेने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा।
F&O शेयरों के लिए नया क्लोजिंग ऑक्शन
3:15 बजे: इन शेयरों में लगातार चलने वाली ट्रेडिंग (Continuous Trading) बंद हो जाएगी।
3:20 से 3:30 बजे: ऑर्डर देने (Order Entry) के दो चरण होंगे, जहां निवेशक अपने लिमिट आर्डर लगा सकेंगे।
3:30 से 3:35 बजे: ऑर्डर्स का मिलान (Matching) होगा और इसी दौरान उस शेयर का आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस तय किया जाएगा।
क्लोजिंग कीमत कैसे तय होगी?
SEBI के इस नए ऑक्शन मैकेनिज्म का मुख्य उद्देश्य शेयरों की क्लोजिंग प्राइस तय करने के तरीके को बेहतर बनाना है। अब पुराने वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) पर निर्भर रहने के बजाय, क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में खरीदार और बिक्रेता के ऑर्डर्स को एक साथ मिलाकर एक संतुलन मूल्य (Equilibrium Price) निकाला जाएगा। इसे ही उस शेयर का आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस माना जाएगा। इससे निवेशकों को बराबर मौका मिलेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।
प्री-ओपन मार्केट के समय में भी बदलाव
सिर्फ क्लोजिंग ही नहीं, बल्कि मार्केट की शुरुआत यानी प्री-ओपन सेशन (Pre-Open Market) के नियमों में भी संशोधन किया गया है। आर्डर एंट्री अब सुबह 9:00 बजे से 9:07 बजे तक होगी। ऑर्डर मैचिंग सुबह 9:07 बजे से 9:15 बजे के बीच होगी। रेगुलर ट्रेडिंग हमेशा की तरह ठीक सुबह 9:15 बजे से शुरू हो जाएगी।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सूचनात्मक उद्देश्यों (Informational Purposes) के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) या मार्केट एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।


