स्लोवेनिया की एक टूरिस्ट ने भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम की प्रशंसा की। यात्रा में उन्हें बहुत कम कैश की ज़रूरत पड़ी, क्योंकि UPI और QR कोड ने छोटी दुकानों पर भी भुगतान आसान बना दिया। उन्होंने इसे यात्रियों के लिए सबसे कुशल सिस्टम में से एक बताया।

स्लोवेनिया की एक टूरिस्ट ने सोशल मीडिया पर बताया है कि भारत घूमने के दौरान उन्हें कैश की बहुत कम ज़रूरत पड़ी। इसका क्रेडिट उन्होंने देश के शानदार डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को दिया, जिसकी वजह से रोज़मर्रा की खरीदारी बेहद आसान हो गई। जूलिया, जो अक्सर भारत में अपनी यात्रा के छोटे-छोटे व्लॉग शेयर करती हैं, ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने QR कोड-आधारित पेमेंट की जमकर तारीफ की।

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अपने पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा, "भारत में जिन चीजों ने मुझे सबसे ज़्यादा हैरान किया, उनमें से एक यह थी कि मुझे असल में कितने कम कैश की ज़रूरत पड़ी।"

अपने अनुभव के बारे में बताते हुए जूलिया ने कहा कि वह जहां भी गईं, चाहे सड़क किनारे चाय की टपरी हो, मोहल्ले का कोई ढाबा हो या फिर छोटी-मोटी दुकानें, ज़्यादातर दुकानदारों ने कैश मांगने के बजाय उन्हें QR कोड की तरफ इशारा किया।

उन्होंने समझाया कि यह सुविधा UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) की वजह से है। यह भारत का इंस्टेंट पेमेंट नेटवर्क है जो यूज़र्स को सिर्फ एक QR कोड स्कैन करके सेकंडों में पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा देता है। इसमें लंबी-चौड़ी बैंक अकाउंट डिटेल्स की कोई ज़रूरत नहीं पड़ती।

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जूलिया ने इसे सबसे कुशल और यात्रियों के लिए सबसे सुविधाजनक पेमेंट सिस्टम में से एक बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि एक विदेशी पर्यटक के रूप में UPI का इस्तेमाल करना कभी-कभी मुश्किल हो सकता है। यह बैंकिंग पार्टनरशिप, कार्ड प्रोवाइडर और उपलब्ध सेवाओं जैसे फैक्टर्स पर निर्भर करता है।

उन्होंने बताया कि PhonePe, Google Pay, Paytm और BHIM जैसे प्लेटफॉर्म कुछ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आसानी से डिजिटल लेनदेन करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही, उन्होंने देश में यात्रा करते समय बैकअप पेमेंट ऑप्शन रखने की सलाह भी दी।

उन्होंने लिखा, "भारत अविश्वसनीय रूप से डिजिटल है, लेकिन एक बैकअप पेमेंट ऑप्शन रखने से आप बहुत सारी परेशानियों से बच जाएंगे, खासकर जब आप छोटे शहरों, दूर-दराज के इलाकों में हों, या अगर इंटरनेट काम करना बंद कर दे।"

उनकी बातें सोशल मीडिया यूज़र्स को खूब पसंद आईं और भारत की तेजी से विकसित हो रही डिजिटल अर्थव्यवस्था पर एक मज़ेदार बहस छिड़ गई। कई यूज़र्स ने उन्हें ब्लिंकिट (Blinkit) जैसी क्विक-कॉमर्स सेवाओं को आज़माने के लिए कहा, और तर्क दिया कि यह अनुभव भी उतना ही शानदार होगा।

अन्य लोगों ने दावा किया कि भारत का डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर दुनिया के कई हिस्सों से सालों आगे है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैसे छोटे से छोटा लेनदेन भी कम से कम मेहनत में सेकंडों में पूरा किया जा सकता है।