वियतनाम की कंपनी विनफास्ट भारत में इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस कब और कहां शुरू करेगी? ग्रीन एसएम का मॉडल ओला और उबर से कैसे अलग होगा? क्या विनफास्ट भारत के EV मार्केट में बड़ा बदलाव ला पाएगी? VinFast Limo Green को टैक्सी फ्लीट के लिए खास क्यों माना जा रहा है?

वियतनाम की कार बनाने वाली कंपनी विनफास्ट अब भारत के कैब सर्विस मार्केट में उतरने की तैयारी में है। विनफास्ट की सब्सिडियरी कंपनी, ग्रीन एसएम (Green SM), भारत में एक इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस शुरू करने की योजना बना रही है। भारत का इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, और अब वियतनाम की यह कंपनी भी इस दौड़ में शामिल होने जा रही है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि वह भारत में सिर्फ कारें बेचना नहीं चाहती, बल्कि एक पूरा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम बनाना चाहती है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

पहले फेज में दिल्ली-एनसीआर में शुरुआत

शुरुआत में ग्रीन एसएम करीब 1,000 इलेक्ट्रिक कैब उतार सकती है। कंपनी का शुरुआती फोकस दिल्ली-एनसीआर पर रहेगा। इसके बाद, कंपनी बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में भी अपनी सर्विस बढ़ा सकती है। कंपनी का लक्ष्य 2026 के आखिर तक करीब 15,000 इलेक्ट्रिक टैक्सियों का नेटवर्क तैयार करना है। अगर ऐसा होता है, तो यह भारत के इलेक्ट्रिक टैक्सी सेक्टर को काफी हद तक बदल सकता है।

लोगों तक सीधी पहुंच बनाने की रणनीति

यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे विनफास्ट की गाड़ियां सीधे आम लोगों तक पहुंचेंगी। हजारों लोग रोज इन इलेक्ट्रिक टैक्सियों में सफर करेंगे और कंपनी की टेक्नोलॉजी, कम्फर्ट और फीचर्स को खुद महसूस करेंगे। आमतौर पर नई कार कंपनियों को भारत में भरोसा बनाने में काफी समय लगता है, लेकिन टैक्सी नेटवर्क के जरिए विनफास्ट तेजी से अपनी पहचान बना सकती है।

क्या है ग्रीन एसएम?

ग्रीन एसएम का मतलब है ग्रीन एंड स्मार्ट मोबिलिटी (Green and Smart Mobility)। यह वियतनाम के विनग्रुप (Vingroup) इकोसिस्टम का हिस्सा है। यह पूरी तरह से इलेक्ट्रिक राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है। कंपनी का दावा है कि उनकी सर्विस आरामदायक, स्मूथ और पर्यावरण के लिए अच्छी राइड देने पर फोकस करती है। विनफास्ट ब्रांड को विदेशों में पॉपुलर बनाने के लिए भी ग्रीन एसएम का इस्तेमाल किया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में ग्रीन एसएम का मॉडल ओला-उबर जैसे एग्रीगेटर्स से थोड़ा अलग होगा। यह पूरी तरह से कंपनी के कंट्रोल वाला मॉडल होगा। इसका मतलब है कि गाड़ियों का मेंटेनेंस, ड्राइवर, चार्जिंग सिस्टम और सर्विस की क्वालिटी पर कंपनी का सीधा कंट्रोल होगा। इससे ग्राहकों को बेहतर अनुभव और गाड़ियों की परफॉर्मेंस एक जैसी मिल सकती है।

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि कंपनी अपनी नई इलेक्ट्रिक MPV जैसी गाड़ी, विनफास्ट लिमो ग्रीन (VinFast Limo Green), को टैक्सी फ्लीट में इस्तेमाल कर सकती है। इस गाड़ी को भारत में टेस्टिंग के दौरान देखा भी गया है। इसे खास तौर पर शहरों में ज्यादा यात्रियों को आरामदायक सफर देने के लिए डिजाइन किया गया है।

मुकाबला और बढ़ेगा

ग्रीन एसएम के आने से भारत के इलेक्ट्रिक टैक्सी बाजार में कॉम्पिटिशन और भी कड़ा हो जाएगा। फिलहाल, इस सेक्टर में ओला और उबर जैसी कंपनियां एक्टिव हैं। एक नई विदेशी कंपनी के आने से ग्राहकों को नए ऑप्शन मिलेंगे। अगर विनफास्ट अपनी योजना में सफल होती है, तो भविष्य में भारतीय सड़कों पर उनकी इलेक्ट्रिक टैक्सियां बड़ी संख्या में दिख सकती हैं।