Central Government Employees Bonus 2026: केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के लिए 30 दिन के बोनस को मंजूरी दी है। कौन होगा पात्र और किन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा लाभ? जानें पूरी डिटेल।
Central Government Bonus Eligibility: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बोनस से जुड़ी अहम खबर है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (Ad-hoc Bonus) के तहत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन के वेतन के बराबर बोनस देने की मंजूरी दी है। इस फैसले से ग्रुप C और ग्रुप B के गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को फायदा मिलेगा, बशर्ते वे किसी अन्य प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस योजना के दायरे में न आते हों। बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा 7,000 रुपये तय की गई है।
कितने रुपये का मिलेगा बोनस?
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की 15 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना के मुताबिक, 30 दिन के बोनस की गणना 7,000 रुपये की अधिकतम वेतन सीमा के आधार पर की जाएगी। इसके लिए मासिक औसत वेतन या तय सीमा, जो भी कम हो, उसे आधार बनाया जाएगा।
बोनस का कैलकुलेशन समझें
- अधिकतम गणना के लिए मासिक वेतन सीमा: ₹7,000
- बोनस की अवधि: 30 दिन
- गणना का फॉर्मूला: 7,000 × 30 ÷ 30.4
- अधिकतम बोनस: करीब ₹6,908
- ध्यान दें कि यह अधिकतम संभावित रकम है। वास्तविक भुगतान कर्मचारी के औसत वेतन और पात्र सेवा अवधि के आधार पर कम हो सकता है।
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Ad-hoc Bonus के लिए कौन कर्मचारी पात्र हैं?
इस बोनस का लाभ केंद्रीय सरकार के ग्रुप C कर्मचारियों और ग्रुप B के गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा, जो किसी दूसरी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस योजना में शामिल नहीं हैं। सशस्त्र बलों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के पात्र कर्मचारी भी इसके दायरे में आएंगे। कर्मचारी के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में कम से कम छह महीने की लगातार नियमित सेवा जरूरी है। सामान्य नियम के तहत 31 मार्च 2026 को सेवा में मौजूद कर्मचारियों को पात्रता मिलेगी। छह महीने से एक साल तक की सेवा वाले कर्मचारियों को सेवा अवधि के अनुपात में बोनस दिया जाएगा।
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क्या रिटायर या दिवंगत कर्मचारियों को भी मिलेगा बोनस?
हां, विशेष परिस्थितियों में उन कर्मचारियों को भी अनुपात के आधार पर बोनस मिल सकता है, जिन्होंने 31 मार्च 2026 से पहले रिटायरमेंट लिया, मेडिकल आधार पर सेवा छोड़नी पड़ी या जिनका निधन हो गया। इसके लिए वित्त वर्ष के दौरान कम से कम छह महीने की नियमित सेवा पूरी करना जरूरी है।
कैजुअल कर्मचारियों के लिए क्या है नियम?
निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले कैजुअल कर्मचारियों को भी बोनस मिल सकता है। छह दिन काम वाले कार्यालयों में कम से कम तीन साल तक हर साल 240 दिन काम करना जरूरी है। पांच दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों के लिए यह शर्त सालाना 206 दिन है।
रेलवे कर्मचारियों को कितना बोनस मिलेगा?
केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिन के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को भी मंजूरी दी है। इसके तहत पात्र रेल कर्मचारियों को अधिकतम 17,951 रुपये मिलेंगे। यह योजना ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, स्टेशन मास्टर, तकनीकी कर्मचारियों और अन्य पात्र ग्रुप C कर्मचारियों को कवर करती है।
ध्यान रखें: एड-हॉक बोनस और रेलवे का 78 दिन वाला बोनस अलग-अलग योजनाएं हैं। पात्रता और भुगतान की राशि संबंधित सरकारी आदेशों के नियमों के अनुसार तय होगी।






