Experience Demanded for Internships Viral Post: इंटर्नशिप के लिए भी अब  एक्सपीरियंस की मांग पर युवाओं का दर्द सामने आया। वायरल पोस्ट ने सोशल मीडिया पर एंट्री लेवल जॉब्स को लेकर बहस तेज कर दी है।

LinkedIn Viral Post: क्या इंटर्नशिप अब सीखने का मौका नहीं, बल्कि पहले से एक्सपर्ट होने की परीक्षा बन गई है? यही सवाल आज हजारों छात्रों और फ्रेश ग्रेजुएट्स के मन में है। हाल ही में एक ग्रेजुएट की सोशल मीडिया पोस्ट ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया। पोस्ट में बताया गया कि जिस इंटर्नशिप का मकसद छात्रों को अनुभव देना होना चाहिए, वहीं अब कंपनियां पहले से स्किल्स और अनुभव रखने वाले उम्मीदवार तलाश रही हैं। इस मुद्दे पर बड़ी संख्या में युवाओं ने भी अपनी आपबीती शेयर की और माना कि एंट्री लेवल जॉब्स और इंटर्नशिप का मौजूदा सिस्टम कई छात्रों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

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इंटर्नशिप के नाम पर बढ़ती उम्मीदों ने छात्रों की बढ़ाई मुश्किल

एक ग्रेजुएट ने लिंक्डइन पर अपने अनुभव शेयर करते हुए बताया कि इंटर्नशिप की तलाश शुरू करते समय उन्हें लगा था कि यह पढ़ाई के बाद प्रोफेशनल दुनिया में पहला कदम होगा। लेकिन आवेदन प्रक्रिया देखकर ऐसा महसूस हुआ जैसे किसी फुल-टाइम नौकरी के लिए इंटरव्यू दिया जा रहा हो। कई कंपनियां आवेदन करने वाले छात्रों से डिजिटल मार्केटिंग टूल्स, गूगल ऐड्स, सोशल मीडिया मैनेजमेंट, SEO और पहले से संबंधित काम का अनुभव मांग रही थीं। युवती का कहना था कि सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इंटर्नशिप ही अनुभव देने के लिए होती है, तो फिर पहले से अनुभव कहां से लाया जाए। उनके मुताबिक यही आज का सबसे बड़ा विरोधाभास बन गया है, जिससे लगभग हर नया उम्मीदवार जूझ रहा है।

सीखने की जगह तुरंत रिजल्ट देने की उम्मीद

पोस्ट में यह भी कहा गया कि कई संस्थानों में इंटर्न्स को ट्रेनिंग देने की बजाय उनसे शुरुआत से ही प्रोफेशनल कर्मचारियों जैसी जिम्मेदारियां निभाने की अपेक्षा की जाती है। उनसे अकाउंट संभालने, मार्केटिंग स्ट्रेटजी तैयार करने, कैंपेन चलाने और बेहतर नतीजे देने की उम्मीद रखी जाती है, जबकि कई जगह इसके बदले बहुत कम या बिल्कुल भुगतान नहीं किया जाता। युवती ने उन छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए लिखा कि लगातार रिजेक्शन मिलने पर खुद को कमतर समझने की जरूरत नहीं है। समस्या छात्रों में नहीं, बल्कि बदलती भर्ती प्रक्रिया और बढ़ती अपेक्षाओं में है। नीचे देखें वायरल लिंक्डइन पोस्ट-

सोशल मीडिया पर युवाओं ने भी शेयर किए अपने अनुभव

इस पोस्ट के सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने कहा कि इंटर्नशिप हासिल करने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं ज्यादा कठिन हो गई है। एक यूजर ने इसकी तुलना उस स्थिति से की, जहां क्रेडिट कार्ड लेने के लिए पहले से क्रेडिट हिस्ट्री मांगी जाती है। वहीं एक अन्य यूजर ने बताया कि उसे सिर्फ एक इंटर्नशिप के लिए पांच इंटरव्यू देने पड़े, लेकिन आखिर में चयन नहीं हुआ। इसके बाद उसने खुद नए स्किल्स सीखने और अपने व्यक्तिगत प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू किया। कई लोगों ने माना कि अगर कंपनियां फ्रेश ग्रेजुएट्स से पहले दिन से ही पूरी प्रोफेशनल क्षमता की उम्मीद करेंगी, तो इंटर्नशिप का मूल उद्देश्य ही खत्म हो जाएगा।