हरियाणा की 63 वर्षीय सुशीला देवी ने 58 साल बाद पढ़ाई फिर से शुरू की। उन्होंने NIOS से 10वीं की परीक्षा 79.6% अंकों के साथ पास की है। अब उनका लक्ष्य सरपंच का चुनाव लड़ना है, जिसके लिए उन्होंने यह योग्यता हासिल की है।

महेंद्रगढ़: कहते हैं कि पढ़ने-लिखने और कुछ सीखने की कोई उम्र नहीं होती। अगर इंसान में जज़्बा हो, तो वो किसी भी उम्र में कुछ भी हासिल कर सकता है। इस बात को हरियाणा की एक 63 साल की महिला ने सच साबित कर दिखाया है। जिस उम्र में लोग आराम करने की सोचते हैं, उस उम्र में सुशीला देवी ने 10वीं की परीक्षा पास करके सबको हैरान कर दिया है।

10वीं में हासिल किए 79.6% अंक

ये कहानी है हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले की रहने वाली 63 वर्षीय सुशीला देवी की। उन्होंने 10वीं की परीक्षा शानदार नंबरों से पास की है। सुशीला देवी सिर्फ पांचवीं क्लास तक ही पढ़ पाई थीं। इसके 58 साल बाद उन्होंने दोबारा किताबें उठाईं और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) से 10वीं का एग्जाम दिया। कमाल की बात तो ये है कि उन्होंने न सिर्फ परीक्षा पास की, बल्कि 79.6% नंबरों के साथ फर्स्ट डिविजन हासिल की। सुशीला देवी का कहना है कि इस रिजल्ट से उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने और सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ने का मौका मिला है।

भले ही सुशीला देवी ने पांचवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी, लेकिन पढ़ने का शौक हमेशा बना रहा। शादी के बाद भी वह लगातार अखबार पढ़ती थीं और नई-नई चीजें जानने की कोशिश करती रहती थीं। एक दिन उनके बेटे विष्णु ने अपनी मां की पढ़ाई में दिलचस्पी को गंभीरता से लिया। उन्होंने ही नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) में 10वीं क्लास के लिए अपनी मां का फॉर्म भरवाया। शुरुआत में 10वीं के गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषय सुशीला देवी को काफी मुश्किल लगे। लेकिन उनके बेटे, बेटियों और पति ने उनका पूरा साथ दिया। परीक्षा की तैयारी के लिए वह हर दिन तीन से चार घंटे पढ़ाई करती थीं।

सुशीला देवी ने अंग्रेजी में 89, विज्ञान और टेक्नोलॉजी में 88, गणित में 78, चित्रकला में 76 और हिंदी में 67 नंबर हासिल किए हैं। 10वीं की परीक्षा फर्स्ट डिविजन में पास करके सुशीला देवी ने यह साबित कर दिया है कि सपनों और हिम्मत के आगे उम्र कभी दीवार नहीं बन सकती। उनका लक्ष्य अब सरपंच का चुनाव लड़ना है, जिसके लिए जरूरी पढ़ाई उन्होंने अब पूरी कर ली है।