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इस लड़की ने सिर्फ 12 000 की पूंजी से शुरू किया था नया काम, आज है करोड़ों का बिजनेस

एक टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी में काम करने वाली लड़की ने फैमिली की सहमति नहीं होने पर भी महज 12000 रुपए की पूंजी से अपना काम शुरू किया और कुछ ही समय में करोड़ों रुपए का बिजनेस एम्पायर खड़ा कर लिया।

his girl started a new work with a capital of only Rs. 12 000, today a business worth crores
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New Delhi, First Published Oct 6, 2019, 11:06 AM IST
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नई दिल्ली। कई तरह की समस्याएं आने के बावजूद शाइनेल तिलवानी ने साल 2016 में महज 12000 रुपए की पूंजी से बिजनेस की शुरुआत की और चंद वर्षों में ही उसने द हाउस ऑफ आर्टिजन्स The House of Artisans (THOA) कंपनी को  बुलंदियों पर पहुंचा दिया। आज इस कंपनी का रेवेन्यू 2 करोड़ रुपए है। शाइनेल में शुरुआत से ही आंत्रप्रेन्योर स्किल थी। साल 2010 में जब वह मुंबई के नारसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में अंडरग्रैजुएट स्टूडेंट थीं, तभी उन्होंने ऑर्गेनिक लग्जरी स्किनकेयर और हेयरकेयर प्रोडक्ट्स का बिजनेस शुरू कर दिया था। उस समय उनकी उम्र महज 20 साल थी। 

स्कूल के दिनों से करना चाहती थीं कुछ नया
शाइनेल स्कूल के दिनों से ही कुछ नया करना चाहती थीं। उनका इंटरेस्ट अपना कोई बड़ा काम शुरू करने में था। शाइनेल के पिता ने इंजीनियरिंग करने के साथ एमबीए की डिग्री भी हासिल की थी और कॉरपोरेट वर्ल्ड में लीडरशिप की पोजिशन पर काम कर रहे थे। वे चाहते थे कि उनकी बेटी भी इसी फील्ड में आए। शाइनेल ने मुंबई के वेलिंगकर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए किया और साल 2015 में अहमदाबाद में टेक्स्टाइल मैनुफैक्चरर कंपनी अरविंद लिमिटेड में नौकरी शुरू की। 

चाहती थीं अपना बिजनेस शुरू करना
नौकरी करते हुए भी शाइनेल हमेशा अपना बिजनेस शुरू करने के बारे में सोचा करती थीं। इसलिए नौकरी करने के साथ-साथ उन्होंने ऑर्गेनिक स्किनकेयर और हेयरकेयर प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग और मार्केटिंग जारी रखी। इन प्रोडक्ट्स को उन्होंने शाइनेल नाम से ही मार्केट में लॉन्च किया। इनकी अच्छी बिक्री होने लगी और मार्केट पर पकड़ बनने लगी। अरविंद लिमिटेड में 10 महीने काम करने के बाद ही शाइनेल ने नौकरी छोड़ कर अपने काम पर पूरा फोकस करने का डिसीजन लिया। लेकिन शाइनेल की फैमिली इसके खिलाफ थी। उनके पिता चाहते थे कि वह अरविंद लिमिटेड में काम करती रहे और इसी फील्ड में अपनी पहचान बनाए। दरअसल, जब शाइनेल ने नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया, उसी समय उन्हें अरविंद लिमिटेड में प्रमोशन मिलने जा रहा था। लेकिन शाइनेल अपना काम शुरू करने का निर्णय ले चुकी थीं। 

2016 में शुरू किया  'द हाउस ऑफ आर्टिजन्स'
फैमिली के विरोध के बावजूद शाइनेल ने नौकरी छोड़ दी और साल 2016 में 'द हाउस ऑफ आर्टिजन्स' शुरू किया। पहले तो उन्हें रोज 20 ऑर्डर मिलते थे, लेकिन जल्दी ही परिस्थितियां कठिन होने लगीं। उन्हें महीने में 20 ऑर्डर मिलने लगे। उनकी जो सेविंग्स थी, उससे 4 महीने काम चल सकता था। इसके बावजूद शाइनेल ने हार नहीं मानी। इसके बाद संयोग से उनकी मुलाकात धर्मशाला के एक बहुत ही धनी होटल व्यवसाई से हुई, जिसने उनके प्रोडक्ट्स में दिलचस्पी दिखाई। उसने अपने भतीजे की रॉयल वेडिंग के लिए उनसे प्रोडक्ट्स खरीदे। इसके बाद उनके प्रोडक्ट की डिमांड रिच लोगों के बीच बढ़ी। एक के बाद एक 17 रॉयल वेडिंग के लिए उन्होंने अपने लग्जरी प्रोडक्ट्स बेचे और 17 रॉयल फैमिली के बीच उनका नेटवर्क बन गया। उनका सबसे महंगा प्रोडक्ट एक अल्ट्रा लग्जरी ब्यूटी ऑयल था, जिसमें 24 कैरेट गोल्ड मिला था। उसकी पैकेजिंग में भी 24 कैरेट गोल्ड का यूज किया गया था। 

कई कंपनियों से था कॉम्पिटीशन
शाइनेल जिस फील्ड में काम कर रही थीं, उसमें दुनिया के कई बड़े ब्रांड्स के प्रोडक्ट पहले से ही मार्केट में थे। ऐसे में उनसे कॉम्पिटीशन आसान नहीं था। जो रॉयल्स उनसे प्रोडक्ट ले रहे थे, उन्होंने भी आगे चल कर उनसे प्रोडक्ट लेना बंद कर दिया, क्योंकि वे चाहते थे कि प्रोडक्ट्स उनके लिए ही एक्सक्लूसिव हों। शाइनेल ऐसा नहीं कर सकीं। इससे उनके बिजनेस को धक्का लगा। इसके बाद शाइनेल ने वुडन कार्व्ड एलिफैंट्स के बिजनेस में हाथ आजमाया। यह बिकते हुए उन्होंने पहली बार मुंबई एयरपोर्ट के डब्ल्यूएचस्मिथ स्टोर पर देखा था। पहले उन्होंने वहीं से खरीद कर इसका व्यवसाय शुरू किया, लेकिन बाद में उन्होंने आर्टिजन्स को हायर कर खुद प्रोडक्ट तैयार करवाना शुरू किया। इसका रिस्पॉन्स अच्छा रहा। 

देश-विदेश में  किया ट्रैवल
आर्टिजन्स से जुड़ने के लिए उन्होंने पूरे देश में ट्रैवल किया और कई शहरों व गांवों में गईं। उन्होंने स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, यूएई, कनाडा जैसे देशों के डिजाइन स्टोर्स से टाईअप किया और वहां अपने हैंडक्राफ्टेड प्रोडक्ट भेजने शुरू कर दिए, जो वूड, पर्ल, सिरेमिक्स, मेटल और टेक्स्टाइल के बने होते थे। 

6 महीने में बदल गई तस्वीर
इसके बाद 6 महीने में ही तस्वीर बदल गई। 'द हाउस ऑफ आर्टिजन्स' को फायदा होने लगा। इसका 50 पर्सेंट बिजनेस विदेशों में होने लगा। अब इसका काम काफी फैल गया है और विदेशों के आर्टिजन्स भी इससे जुड़ गए हैं। कंपनी के काम का विस्तार होता चला जा रहा है। भविष्य में इसके और भी आगे बढ़ने की संभावना है। 'द हाउस ऑफ आर्टिजन्स' के साथ 22 आर्टिजन्स की टीम है। इसके अलावा डिजाइन, ऑनलाइन मार्केटिंग, अकाउंटिंग, सप्लाई चेन और बिजनेस डेवलपमेंट को देखने के लिए दूसरे स्टाफ हैं।  

 

  
 

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