इंजीनियर आकाश पांडे ने पिता के IIT-JEE में फेल होने को अपनी सबसे बड़ी राहत बताया। इसी वजह से उन पर कोई दबाव नहीं था और वे 2012 में पहली कोशिश में ही सफल हुए। उनके पिता 1980 में यह परीक्षा पास नहीं कर सके थे।
देश के सबसे मुश्किल एंट्रेंस एग्ज़ाम में से एक IIT-JEE का नाम सुनते ही सपनों और ज़बरदस्त प्रेशर की तस्वीरें दिमाग में आती हैं। लेकिन, न्यूयॉर्क में सॉफ्टवेयर इंजीनियर आकाश संपूर्णानंद पांडे ने एक ऐसी बात कही है जो सबसे अलग है। उन्होंने कहा, 'मेरी ज़िंदगी में हुई सबसे अच्छी बात ये थी कि मेरे पापा IIT की परीक्षा में फेल हो गए थे।' IIT-BHU से पढ़ चुके आकाश की ये इमोशनल पोस्ट अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
10 रुपये और 200 किलोमीटर का सफर
आकाश ने 1980 का एक किस्सा शेयर करते हुए अपनी पोस्ट शुरू की। उन्होंने लिखा, 'मेरे पापा अपने गांव के सबसे होशियार स्टूडेंट थे। उन्हें IIT के बारे में परीक्षा से सिर्फ 6 महीने पहले पता चला। जेब में सिर्फ 10 रुपये लेकर, वो एग्ज़ाम सेंटर तक पहुंचने के लिए गाड़ियों से 200 किलोमीटर तक लिफ़्ट मांगते हुए गए। लेकिन वो परीक्षा में फेल हो गए। एक भी सवाल का जवाब नहीं दे पाए।' आकाश ने बताया कि इस नाकामी के बावजूद उनके पिता कभी निराश नहीं हुए और न ही इसे लेकर कोई कड़वाहट पाली। बल्कि, वो IIT से पढ़े लोगों की ज़िंदगी भर बहुत इज़्ज़त करते रहे।
आकाश बताते हैं कि पापा की ये नाकामी उनके लिए एक बड़ी राहत थी। घर में IIT पास करने की कोई विरासत नहीं थी, इसलिए उन पर परीक्षा का कोई दबाव नहीं था।
आकाश ने आगे लिखा, 'अगर मैं फेल होता तो पापा की तरह एक आम और खुशहाल ज़िंदगी जीता। पास होता तो परिवार का पहला IITian बनता। मतलब, मेरे पास खोने को कुछ नहीं था और पाने को एक नया इतिहास था। मेरे पापा मुझे वो परीक्षा पास करने के लिए मजबूर भी नहीं कर सकते थे, जिसमें वो खुद फेल हुए थे।'
साल 2012 में, आकाश ने अपनी पहली ही कोशिश में IIT-JEE की परीक्षा पास कर ली। आकाश याद करते हैं कि ये खबर सुनकर उनके पिता खुशी से झूम उठे थे और उन्होंने खूब जश्न मनाया था। आकाश अपनी पोस्ट खत्म करते हुए लिखते हैं, 'मैं अक्सर सोचता हूं कि अगर 1980 में मेरे पापा वो परीक्षा पास कर लेते तो मेरी ज़िंदगी कैसी होती।' आकाश की इस पोस्ट पर कई लोग अपने ऐसे ही अनुभव शेयर कर रहे हैं।
