Asianet News HindiAsianet News Hindi

पेशेवर डिग्री लेकर आने वाले छात्रों की रोजगार क्षमता में इजाफा, ये शहर है रैकिंग में टॉप

देश की शिक्षा प्रणाली और लाखों स्नातकों के लिये अच्छी खबर है एक सर्वे में पाया गया है कि पेशेवर डिग्री लेकर आने वाले आधे अब रोजगार के काबिल हैं अबतक यह कहा जाता रहा है कि पेशेवर डिग्री रखने वालों में से 70 प्रतिशत रोजगार के लायक नहीं हैं

Increase in employability of students coming with professional degrees this city is top in ranking kpm
Author
New Delhi, First Published Dec 10, 2019, 8:12 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

मंबई: देश की शिक्षा प्रणाली और लाखों स्नातकों के लिये अच्छी खबर है। एक सर्वे में पाया गया है कि पेशेवर डिग्री लेकर आने वाले आधे अब रोजगार के काबिल हैं। अबतक यह कहा जाता रहा है कि पेशेवर डिग्री रखने वालों में से 70 प्रतिशत रोजगार के लायक नहीं हैं।

हालांकि सर्वे में रोजगार परिदृश्य के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। व्हीबाक्स, पीपुल स्ट्रांग और सीआईआई की इंडिया स्किल रिपोर्ट के अनुसार प्रतिभा की उपलब्धता के मामले में कुल मिलाकर सकारात्मक प्रवृत्ति है। सर्वे में शामिल 46 प्रतिशत से अधिक छात्रों को इस साल रोजगार के लायक या रोजगार लेने लायक पाया गया। जबकि 2014 में यह आंकड़ा केवल 33 प्रतिशत था।

2019 में छात्रों की संख्या में हुआ इजाफा

व्हीबॉक्स के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी निर्मल सिंह ने कहा, ''2019 में रोजगार के काबिल प्रतिभावान छात्रों की संख्या बढ़ी और यह 47 प्रतिशत रहा जबकि 2014 में यह 33.9 प्रतिशत था।'' सर्वे के अनुसार एमबीए करके आये छात्र ज्यादा रोजगार के काबिल हैं। इनमें से 54 प्रतिशत को नौकरी के लायक माना गया जबकि दो साल पहले यह 40 प्रतिशत था। बी फार्मा, पॉलिटेक्निक, बीकॉम और बीए स्नातकों के रोगजार की काबिलियत में सुधार पाया गया।

हालांकि बीटेक, अन्य इंजीनियरिंग डिग्री लेने वाले छात्रों, एमसीए, तकनीकी और कंप्यूटर संबंधित पाठ्यक्रमों से जुड़े छात्रों में रोजगार की काबिलियत में कमी आयी है। यह सर्वे प्रतिभा प्रबंधन विशेषज्ञ व्हबाक्स के अध्ययन पर आधारित है। यह सर्वे इस साल जुलाई से नवंबर के बीच किया गया। इसमें कुल 3,500 शैक्षणिक संस्थानों के 3 लाख प्रतिभागी शामिल हुए।

नौकरी पाने की क्षमता रखने वाले छात्रों के मामले में मुंबई शीर्ष स्थान पर रहा। बेंगलुरू, नयी दिल्ली, पुणे, लखनऊ और चेन्नई शीर्ष 10 में शामिल हैं। पिछले छह साल से ये शहर शीर्ष 10 में शामिल हैं। पश्चिम बंगाल और हरियाणा के मामले में गिरावट दर्ज की गयी ये राज्य शीर्ष 10 में शामिल नहीं हो पाये।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(प्रतीकात्मक फोटो)

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios