मलेशिया में युवाओं के लिए एक 'यूथ रिटायरमेंट होम' लोकप्रिय हो रहा है। यह 30 साल से कम उम्र के लोगों को काम के तनाव से दूर "कुछ न करने" का मौका देता है। इसकी लोकप्रियता के कारण बुकिंग 2026 तक पूरी हो चुकी है।

आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में, 60 साल का इंतज़ार किए बिना 25 की उम्र में ही रिटायर होने का मौका मिले तो कैसा रहेगा? सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन मलेशिया के युवाओं के बीच एक जगह आजकल खूब ट्रेंड कर रही है, और वो है 'यूथ रिटायरमेंट होम'। आमतौर पर रिटायरमेंट होम बड़े-बुजुर्गों के लिए होते हैं, लेकिन मलेशिया के गोपेन में शुरू हुआ यह सेंटर 30 साल से कम उम्र के लोगों के लिए है। पढ़ाई, करियर और लक्ष्यों के भारी दबाव से कुछ समय के लिए दूर भागने की चाहत रखने वालों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है।

इस रिटायरमेंट होम में रहने की बस एक ही शर्त है: "कुछ नहीं करना है"। मतलब, इतने बजे उठना है या काम करना है, ऐसी कोई मजबूरी नहीं। कॉर्पोरेट ईमेल और टारगेट से पूरी तरह आज़ादी। आप चाहें तो बत्तखों को देखते रहें, या बस आसमान को निहारते हुए सपने देखें। और हाँ, तीन वक्त का स्वादिष्ट लोकल खाना भी समय पर मिलता है।

युवा ऐसा क्यों कर रहे हैं?

युवाओं के लिए यह "थकान" कोई फैशन नहीं, बल्कि ज़िंदगी में बने रहने का एक तरीका है। करीब 40,000 भारतीय रुपये देकर यहां एक महीने तक शांति से रहा जा सकता है। शहर के महंगे किराए और खाने-पीने के खर्चों को देखते हुए, युवाओं को यह सौदा फायदेमंद लगता है।

इसकी शुरुआत चीन में शुरू हुए 'लेट इट रॉट' (Let it rot) कॉन्सेप्ट से हुई है। इसका संदेश है कि करियर में सफलता के पीछे भागकर ज़िंदगी बर्बाद करने के बजाय, थोड़ा आराम कर लिया जाए। 25 की उम्र में ही काम के बोझ से मानसिक रूप से टूट रहे युवाओं की बढ़ती संख्या की वजह से ऐसे सेंटर्स की मांग बढ़ रही है।

लगभग 8 एकड़ की खूबसूरत जगह पर बने इस सेंटर में आने के लिए अब लंबी लाइन लगी है। जनवरी 2026 तक की बुकिंग पहले ही पूरी हो चुकी है। दुनिया के अलग-अलग कोनों से युवा शांति की तलाश में यहां आ रहे हैं।