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शिक्षा मंत्रालय ने जारी की परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स, देखें कौन सा राज्य अव्वल, कौन फिसड्डी

परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स यानी PGI भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की एजुकेशन परफॉरमेंस की जांच के लिए जारी की जाती है। भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय इसे जारी करता है। 2020-21 का पीजीआई जारी कर दिया गया है।

Ministry of Education released Performance Grading Index for States and UTs for 2020-21 stb
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First Published Nov 3, 2022, 12:36 PM IST

करियर डेस्क : शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने 2020-21 का परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (Performance Grading Index- PGI) जारी कर दिया है। कुल 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केरल, पंजाब, चंडीगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और आंध्र प्रदेश ने लेवल II हासिल किया है। इन राज्यों का स्कोर 901 से 950 तक है। गुजरात, राजस्थान और आंध्र प्रदेश पहली बार इस इंडेक्स में शामिल हुए हैं। वहीं, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख ने 2020-21 में लेवल 8 से लेवल 4 तक का सुधार किया  है। 2019-20 की तुलना में 2020-21 में लद्दाख के स्कोर में 299 अंकों का सुधार हुआ है। पीजीआई 2020-21 ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 10 ग्रेड में विभाजित कियाहै। 1000 अंक में से 950 से ज्यादा अंक पाने वाले राज्यों को ग्रेड लेवल-1 में रखा जाता है। जबकि सबसे न्यूनतम ग्रेड स्तर 10 है, जो 551 अंक से नीचे पाने वाले राज्यों को मिलता है।

पीजीआई इंडेक्स क्या होता है
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता की जांच के लिए परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स जारी करता है। इसके माध्यम से राज्यों की शिक्षा व्यवस्था और स्तर में कहां सुधार की जरूरत है, उसे बताया जाता है। इसके अलावा इस इंडेक्स की मदद से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एजुकेशन फील्ड में डिजिटलाइजेशन की तरफ ले जाने में मदद मिलती है। 

70 संकेतकों के आधार पर ग्रेडिंग
परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की स्कूली शिक्षा के संबंध में 70 संकेतकों के आधार पर ग्रेडिंग की जाती है। इन 70 संकेतकों को दो भाग में बांट दिया जाता है। इसके लिए कुल 1,000 अंक होते हैं। दो भाग में पहला भाग होता है परिणाम और प्रशासन, वहीं दूसरा प्रबंधन। इन दो भागों को आगे 5 डोमेन में विभाजित किया जाता है। 

  1. सीखने के परिणाम (LO)
  2. एक्सेस (A)
  3. इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं (IF)
  4. इक्विटी (E)
  5. शासन प्रक्रिया (GP)

भारतीय शिक्षा प्रणाली का इंफ्रास्ट्रक्चर
भारत की शिक्षा प्रणाली दुनिया में सबसे बड़ी मानी जाती है। देश में करीब 14.9 लाख स्कूल हैं और 95 लाख शिक्षक हैं। जबकि 26.5 करोड़ छात्र यहां पढ़ते हैं। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की स्कूली शिक्षा की परफॉर्मेंस की जांच के लिए डेटा इकट्ठा की जाती है और उसी के आधार पर PGI तैयार की जाती है। यह चौथी पीजीआई रिपोर्ट है। इससे पहले 2017-18, 2018-19 और 2019-20 तक पीजीआई रिपोर्ट जारी की गई थी।

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