Watch PPC 2026 Live: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Pariksha Pe Charcha 2026 में छात्रों, शिक्षकों और माता-पिता से लाइव संवाद किया। पढ़ाई की रफ्तार, शौक और दबाव संभालने पर पीएम के सुझाव और एक्जाम वारियर्स के अनुभव और लाइव देखें परीक्षा पे चर्चा।
Pariksha Pe Charcha 2026 Watch Live: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज Pariksha Pe Charcha 2026 में सीधे छात्रों, शिक्षकों और माता-पिता से जुड़कर उनकी समस्याओं और सवालों का जवाब दे रहे हैं। यह कार्यक्रम देशभर में अलग-अलग शहरों में आयोजित किया गया, जिसमें गुजरात के देवमोड़ा, तमिलनाडु के कोयंबटूर, छत्तीसगढ़ के रायपुर, असम के गुवाहाटी और दिल्ली में प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर शामिल हुए छात्र और शिक्षक जुड़े।
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में शामिल हुए रिकॉर्ड छात्र, शिक्षक और पैरेंट्स
इस साल इस कार्यक्रम में कुल 4 करोड़ 50 लाख 13 हजार 379 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 4 करोड़ 19 लाख 14 हजार 56 छात्र, 24 लाख 84 हजार 259 शिक्षक, और 6 लाख 15 हजार 64 माता-पिता हैं। कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूट्यूब चैनल, दूरदर्शन (DD) और शिक्षा मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाइव देखा जा सकता है। इसके अलावा, WAVES OTT, Amazon Prime Video, Jio, ZEE5, Sony LIV, और ऑडियो के लिए Spotify पर भी इसे लाइव स्ट्रीम किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने छात्रों से कहा- पढ़ाई की रफ्तार अलग होती है
पीएम मोदी ने छात्रों से बात करते हुए कहा कि हर छात्र की सीखने की गति अलग होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक को अपने छात्रों की गति को समझना चाहिए और उन्हें ऐसा मार्गदर्शन देना चाहिए कि वे शिक्षक से सिर्फ एक कदम आगे रहें, ज्यादा दूर नहीं। उनका कहना था कि इस तरह छात्र सीखने में आत्मविश्वास महसूस करेंगे और उनका पढ़ाई का सफर आसान होगा।
शिक्षकों के लिए पीएम की सलाह
पीएम मोदी ने शिक्षकों को भी कुछ अहम बातें बताईं। उन्होंने कहा कि छात्रों को सिर्फ सलाह देने के बजाय उनके गुणों को पहचानना और उन्हें निखारना जरूरी है। इससे छात्रों को लगेगा कि शिक्षक वास्तव में उनकी रुचियों और क्षमताओं में दिलचस्पी ले रहे हैं।
पढ़ाई के अलावा बच्चों के शौक भी जरूरी
पीएम मोदी ने पिछले साल के Pariksha Pe Charcha में कहा था कि बच्चों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्हें अपने शौक और रुचियों को भी पूरा करने की आज़ादी मिलनी चाहिए। खुले आसमान के नीचे खेलना, अपने पसंदीदा काम करना, ये सब बच्चों की पढ़ाई में भी मदद करता है। उनका मानना है कि परीक्षा जीवन का सब कुछ नहीं है और बच्चों को यह महसूस होना चाहिए।
दबाव को संभालने का तरीका
पीएम मोदी ने छात्रों को तनाव और दबाव को संभालने के लिए क्रिकेट खिलाड़ियों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जैसे क्रिकेट का बल्लेबाज भी स्टेडियम की भीड़ और शोर को नजरअंदाज करके केवल गेंद पर ध्यान केंद्रित करता है, वैसे ही छात्रों को भी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए और दबाव के बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहिए।
पीपीसी 2026 का माहौल, असमी गमोछा ओढ़ा कर किया छात्रों का स्वागत
छात्र और शिक्षक दोनों ने इस कार्यक्रम को बहुत प्रेरणादायक, मददगार और जानकारीपूर्ण बताया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह हुई और सभी प्रतिभागी उत्साहित हैं कि पीएम मोदी सीधे उनसे संवाद कर रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने सभी बच्चों का स्वागत आसमी गमोछा ओढ़ा कर किया और उसका महत्व बताते हुए समझाया कि कैसे महिलाएं ये काम घर में करती हैं और उस क्षेत्र में महिलाएं कैसे आत्मनिर्भर बन रही हैं।


